साइबर सिक्योरिटी के शेयरों में भूचाल, इस एक रिपोर्ट ने बिगाड़ा निवेशकों का मिजाज
एंथ्रोपिक एक नए और बेहद शक्तिशाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल की टेस्टिंग कर रहा है। इस खबर के बीच साइबर सुरक्षा से जुड़े शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। बता दें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक, एक संभावित आईपीओ पर विचार कर रही है।

साइबर सुरक्षा से जुड़े शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह एक रिपोर्ट थी जिसमें बताया गया था कि एंथ्रोपिक एक नए और बेहद शक्तिशाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल की टेस्टिंग कर रहा है। यह मॉडल साइबर कैपिसिटी के मामले में काफी अपग्रेड है लेकिन साथ ही इससे सुरक्षा से जुड़े कुछ संभावित जोखिम भी पैदा हो सकते हैं। फॉर्च्यून की रिपोर्ट के मुताबिक इस नए 'मिथोस' मॉडल को एंथ्रोपिक का अब तक का सबसे शक्तिशाली मॉडल बताया जा रहा है। हालांकि, साइबर सुरक्षा से जुड़े संभावित प्रभावों को देखते हुए कंपनी इसे धीरे-धीरे ही लॉन्च करने की योजना बना रही है।
शेयर का परफॉर्मेंस
इस खबर का असर बाजार में तुरंत दिखा। क्राउडस्ट्राइक, पालो ऑल्टो नेटवर्क्स और Zscaler के शेयर 5% से ज्यादा टूट गए जबकि Cloudflare में 3.2% की गिरावट आई। वहीं, ग्लोबल X साइबर सिक्योरिटी ETF करीब 6.1% तक फिसल गया। निवेशकों में घबराहट की सबसे बड़ी वजह यह थी कि लीक हुए ड्राफ्ट में संकेत मिला कि एंथ्रोपिक इस मॉडल की रिलीज टाल सकती है और पहले साइबर कंपनियों के साथ टेस्टिंग डेटा साझा करेगी, ताकि वे संभावित खतरों से निपटने की तैयारी कर सकें। हालांकि, कंपनी दुरुपयोग रोकने की कोशिश कर रही है।
बता दें कि इसी साल की शुरुआत में हैकर्स ने कथित तौर पर एंथ्रोपिक के चैटबॉट का इस्तेमाल कर मैक्सिको की सरकारी एजेंसियों पर हमला किया था और संवेदनशील डेटा चुरा लिया था। कंपनी ने बाद में इस गतिविधि को रोकने और संबंधित अकाउंट्स को बैन करने की बात कही थी। एक्सपर्ट्स की मानें तो बाजार की प्रतिक्रिया जरूरत से ज्यादा है। उनका कहना है कि अगर एआई से खतरा बढ़ता है, तो मजबूत साइबर सुरक्षा कंपनियों की मांग भी उतनी ही तेजी से बढ़ेगी।
आईपीओ लेकर आ रही है कंपनी
बता दें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक, एक संभावित आईपीओ पर विचार कर रही है। इससे कंपनी $60 बिलियन तक जुटा सकती है, और इसकी लिस्टिंग अक्टूबर 2026 तक होने की चर्चा है। ये योजनाएं अभी भी चर्चा के दौर में हैं और कंपनी ने अभी तक कोई भी आधिकारिक दस्तावेज जमा नहीं किया है। लेकिन अगर यह योजना आगे बढ़ती है, तो यह अब तक के सबसे बड़े IPOs में से एक हो सकता है और AI इंडस्ट्री के लिए एक निर्णायक पल साबित हो सकता है। एंथ्रोपिक के क्लाउड मॉडल्स को कंपनियां बड़े पैमाने पर अपना रही हैं और कंपनी का सालाना रेवेन्यू लगभग $14 बिलियन होने का अनुमान है। यह इस बात को दिखाता है कि AI टूल्स की मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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