कमाई बढ़ी, फिर भी 5% टूट गया इस कंपनी का स्टॉक! क्या यही है खरीदने का सही मौका?

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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मुख्य बातें

  • कमिंस इंडिया (Cummins India) के जून तिमाही (Q1) नतीजों के बाद कंपनी के शेयर करीब 5% तक गिर गए
  • हालांकि, कंपनी की आय में बढ़ोतरी हुई, लेकिन EBITDA मार्जिन 10 तिमाहियों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया
  • बढ़ती इनपुट लागत और लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर न डाल पाने से मुनाफे पर दबाव दिखा
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जून तिमाही (Q1) नतीजों के बाद करीब 5% तक गिर गए कमिंस इंडिया के शेयर।

इंजन और पावर सॉल्यूशंस बनाने वाली कमिंस इंडिया (Cummins India) के शेयर गुरुवार को करीब 5% तक टूट गए। कंपनी के जून 2026 तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे निवेशकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। हालांकि, कंपनी की आय (Revenue) में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन मुनाफे और ऑपरेटिंग मार्जिन में कमजोरी ने बाजार को निराश कर दिया। यही वजह रही कि रिजल्ट आने के अगले ही दिन कंपनी के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। इतना ही नहीं, कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर श्वेता आर्या ने भी अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

प्रदर्शन में वास्तविक आंकड़े काफी नीचे

कंपनी ने जून तिमाही में 3,425 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 18% अधिक है। यह बाजार के अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। हालांकि, असली झटका मुनाफे और ऑपरेटिंग प्रदर्शन में देखने को मिला। कंपनी का EBITDA घटकर 615.4 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 623.5 करोड़ रुपये था। बाजार को उम्मीद थी कि EBITDA करीब 689 करोड़ रुपये रहेगा, लेकिन वास्तविक आंकड़े इससे काफी नीचे रहे।

पिछले 10 तिमाहियों का सबसे निचला स्तर

सबसे ज्यादा चिंता की बात कंपनी का EBITDA मार्जिन रहा, जो घटकर 17.97% पर आ गया। यह पिछले 10 तिमाहियों का सबसे निचला स्तर है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मार्जिन 21.46% था, यानी एक साल में मार्जिन में करीब 3.5 प्रतिशत अंक (350 बेसिस प्वाइंट) की गिरावट आई। कंपनी ने बताया कि कच्चे माल और अन्य इनपुट लागत में तेज बढ़ोतरी हुई है। लागत लगभग 24% बढ़ गई, जबकि इन बढ़ी हुई लागतों को ग्राहकों तक पूरी तरह पहुंचाने (Pass Through) में समय लग रहा है। इसी वजह से कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बना।

भारत में बिक्री करीब 22% बढ़ी

अगर कारोबार की बात करें तो इस तिमाही में कंपनी की घरेलू बिक्री (Domestic Sales) मजबूत रही। भारत में बिक्री करीब 22% बढ़कर 2,854 करोड़ रुपये पहुंच गई। दूसरी ओर निर्यात (Exports) लगभग स्थिर रहा और 521 करोड़ रुपये पर ही रहा। कंपनी के प्रबंधन ने पहले ही संकेत दिया था कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर अंतरराष्ट्रीय मांग के कारण एक्सपोर्ट कारोबार में तेजी की उम्मीद नहीं है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि रेलवे, माइनिंग और डेटा सेंटर जैसे सेक्टरों से ऑर्डर लगातार मिल रहे हैं, जिससे आने वाले समय में घरेलू कारोबार मजबूत बना रह सकता है।

मैनेजिंग डायरेक्टर ने दिया इस्तीफा

इस बीच निवेशकों को एक और बड़ा झटका तब लगा, जब कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर श्वेता आर्या ने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। वह 31 अगस्त 2026 तक अपने पद पर रहेंगी और उसके बाद बाहरी अवसरों के लिए कंपनी छोड़ देंगी। उन्होंने सितंबर 2024 में MD का पद संभाला था। कंपनी ने कहा है कि नए मैनेजिंग डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए संभावित उम्मीदवारों की तलाश की जा रही है।

6,700 रुपये का टारगेट प्राइस

ब्रोकरेज हाउसों की राय भी मिक्स्ड रही है। सिटी (Citi) ने कंपनी पर अपना 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए 6,700 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसका मानना है कि कमोडिटी लागत और लागत ट्रांसफर में देरी का असर उम्मीद से ज्यादा रहा। वहीं, नोमुरा (Nomura) ने 'Neutral' रेटिंग बनाए रखते हुए 6,000 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि ग्रॉस मार्जिन में अपेक्षा से ज्यादा गिरावट की वजह से कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा।

52 सप्ताह के उच्च स्तर से लगभग 12% नीचे

हालांकि, तिमाही नतीजों के बाद शेयर में गिरावट आई है, लेकिन लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो कमिंस इंडिया (Cummins India) का शेयर अभी भी इस साल करीब 20% ऊपर है। हालांकि, यह अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर से लगभग 12% नीचे आ चुका है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी बढ़ती लागत पर कैसे काबू पाती है, नया मैनेजमेंट किस तरह कारोबार को आगे बढ़ाता है और आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार होता है या नहीं। अगर कंपनी इन चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटती है, तो शेयर में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

Sarveshwar Pathak

लेखक के बारे में

Sarveshwar Pathak

सर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।

उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही क्रिकेट खेलने और डांस का शौक है, जो उनके व्यक्तित्व को संतुलित और ऊर्जावान बनाता है। उनका उद्देश्य सिर्फ खबरें लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक और प्रेरित करना भी है।

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