कच्चे तेल की कीमतों की वजह से शेयर बाजार में लगेगी अभी और आग? $150 तक पहुंच सकता है भाव, सोने और चांदी का क्या होगा
Crude Oil crisis impact on stock market: ब्रेंट क्रू़ड ऑयल प्राइस 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है। ईरान-अमेरिका युद्ध के 14वें दिन में प्रवेश करने का साफ असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखा जा सकता है। WTI क्रूड फ्यूचर्स की कीमतों में भी 6 प्रतिशत की तेजी आई है। यह 96 डॉलर प्रति बैरल के करीब है।

Crude Oil crisis impact on stock market: कच्चे तेल की कीमतों में इस समय उबाल साफ देखा जा सकता है। जोकि घरेलू शेयर बाजारों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में बीते 4 साल के रिकॉर्ड को पहले ही तोड़ दिया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के पीछे की वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बाधित होना है। एक्सपर्ट्स आने वाले दिनों में कच्चे तेल का भाव 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की बात कर रहे हैं। आइए समझते हैं कि इस असर घरेलू शेयर बाजार से लेकर सोना-चांदी तक क्या पड़ेगा?
ब्रेंट क्रू़ड ऑयल प्राइस 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है। ईरान-अमेरिका युद्ध के 14वें दिन में प्रवेश करने का साफ असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखा जा सकता है। WTI क्रूड फ्यूचर्स की कीमतों में भी 6 प्रतिशत की तेजी आई है। यह 96 डॉलर प्रति बैरल के करीब है।
क्या 150 डॉलर तक जाएगा कच्चे तेल का भाव
पिछले हफ्ते के शुरुआत में क्रूड ऑयल का रेट 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, इसके बाद इसमें नरमी देखने को मिली। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं हुआ तब की स्थिति में यह 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।
कोटक सिक्योरिटीज से जुड़े अनिंद्या बनर्जी कहते हैं कि टेक्निकल आधार पर क्रू़ड ऑयल 125 डॉलर प्रति बैरल पर रेसिस्टेंस दिखा रहा है। अगर यह इस स्तर के पार पहुंचता है। ऐसी स्थिति में क्रूड ऑयल का रेट 145 से 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं।
शेयर बाजारों पर क्या पड़ेगा असर?
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से शेयर बाजार में इस समय हाहाकार मचा हुआ है। मार्च के महीने में निफ्टी50 इंडेक्स पहले ही 8 प्रतिशत क्रैश कर चुका है। डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर है। एफआईआई की बिक्री भी बाजार पर दबाव बनाए हुए है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में कोई भी तेजी शेयर बाजार की सेहत के लिए अच्छी खबर नहीं है।
कहां जाएगा सोने और चांदी का रेट?
सोने और चांदी की कीमतों पर कच्चे तेल का कोई विशेष प्रभाव शायद ही पड़े। इसकी वजह है डॉलर का मजबूत होना। कच्चे तेल का भाव बढ़ने से डॉलर मजबूत हुआ है। ऐसे में निवेशक सोने की जगह डॉलर का रुख कर रहे हैं।
क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी की वजह से दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों पर ब्याज दर में कटौती करने का दबाव बढ़ा दिया है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Tarun Pratap Singhतरुण प्रताप सिंह, लाइव हिन्दुस्तान के साथ अक्टूबर 2020 से कार्यरत हैं। मौजूदा समय में बिजनेस टीम का हिस्सा हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबर पर लिखने के साथ-साथ आईपीओ पर वीडियो इंटरव्यू की भी जिम्मेदारी सम्भालते हैं। लाइव हिन्दुस्तान की वीडियो टीम के लिए 2022 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में टीम लीड करते हुए 200 विधानसभा सीट में ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरीज कर चुके हैं। श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उत्तर प्रदेश में ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव है। साल 2025 में प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ में 40 दिन से अधिक दिन तक कुंभ नगरी में रहकर अनेकों वीडियो इंटरव्यू और स्पेशल स्टोरिज किए थे।
शिक्षा
बी.ए (ऑनर्स) और एम.ए की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी से पूरा किया है। भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है।
अनुभव -
HT का हिस्सा बनने से पहले स्वतंत्र तौर पर 2019 में लोकसभा चुनाव, 2019 में हरियाणा विधानसभा, 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2020 में दिल्ली दंगा की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त है। श्री राम मंदिर भूमि पूजन (साल 2020) के दौरान भी बतौर स्वतंत्र पत्रकार अपनी सेवाएं दिए हैं।
दैनिक जागरण के एक स्पेशल कार्यक्रम के तहत वाराणसी में दो अलग-अलग साल में 100-100 बच्चों को संसदीय कार्यप्रणाली की 15 दिनों की ट्रेनिंग भी देने का अनुभव प्राप्त है।
विशेषताएं -
वीडियो रिपोर्टिंग में दक्षता हासिल है। कई इंटरव्यू और ग्राउंड ओपनियन वीडियो नेशनल लेवल पर विमर्श का केंद्र बने हैं। बिजनेस और राजनीति के अलावा क्रिकेट, धर्म और साहित्य पर लिखना-पढ़ना पसंद है।


