कच्चा तेल 100 के पार, डॉलर की दहाड़ से कांप रहा था रुपया और पेट्रोल-डीजल के नहीं बढ़ रहे थे दाम, फिर…

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मुख्य बातें

  • Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढ़ने से जनता में राहत तो मिल रही थी, लेकिन एक अजीब सी बेचैनी भी थी कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हर दिन 1000 करोड़ का नुकसान होने के बावजूद दाम क्यों नहीं बढ़ रहे? आज करीब चार साल बाद पेट्रोल-डीजल के दाम में 3-3 रुपये का इजाफा हुआ
कच्चा तेल 100 के पार, डॉलर की दहाड़ से कांप रहा था रुपया और पेट्रोल-डीजल के नहीं बढ़ रहे थे दाम, फिर…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नहीं दो बार कह चुके कि पेट्रोल डीजल और गैस की बचत करें। पीएम से सीएम तक के काफिलों में गाड़ियों की संख्या आधी हो गई हैं। विधायक और सांसद ई रिक्शा की सवारी कर रहे हैं। कच्चा तेल 100 डॉलर के पार खिलखिला रहा है। डॉलर की दहाड़ से रुपया थरथर कांप रहा है। पड़ोसी देशों में पेट्रोल डीजल की कीमतों में आग लगी है और भारत में ये दोनों एक दिन पहले तक ऐसे शांत बैठे थे, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो।

पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढ़ने से जनता में राहत तो मिल रही थी, लेकिन एक अजीब सी बेचैनी भी थी कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हर दिन 1000 करोड़ का नुकसान होने के बावजूद दाम क्यों नहीं बढ़ रहे? आज करीब चार साल बाद पेट्रोल-डीजल के दाम में 3-3 रुपये का इजाफा हुआ।

इस बार रविवार से लग रहा था कि पेट्रोल-डीजल के दाम दाम अब बढ़े कि तब बढ़े। ईरान युद्ध अनिश्चितता की ओर बढ़ रहा है। हॉर्मूज स्ट्रेट में रुकावटें जारी है और ऊपर से पीएम मोदी की अपील, ये सारी परिस्थितियां तेल के रेट बढ़ने की ओर इशारा कर रही थीं, लेकिन आज शुक्रवार को भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां HPCL, IOCL और इंडियन ऑयल ने पेट्रोल डीजल के रेट जारी किए तो लोगों को महंगाई का एक झटका लगा।

चुनाव खत्म होने के 16 दिन बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े

असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव खत्म होने के 16 दिन बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए। असम और केरल में 9 अप्रैल को, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। पश्चिम बंगाल का दूसरा चरण 29 अप्रैल को खत्म हुआ था।

नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपए और डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपए (3.29 रुपए बढ़ा) और चेन्नई में 103.67 रुपए (2.87 रुपए बढ़ा) हो गया। इन दोनों शहरों में डीजल क्रमशः 95.13 रुपए (3.11 रुपए बढ़ा) और 95.25 रुपए (2.86 रुपए बढ़ा) प्रति लीटर बिक रहा है।

पेट्रोल पर 20 और डीजल पर 100 रुपये लीटर का नुकसान

सरकार के अनुसार, तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल को पेट्रोल पर करीब 20 रुपए और डीजल पर करीब 100 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ी थीं, लेकिन भारत में दाम नहीं बढ़ाए गए थे। हालांकि, कुछ अनुमानों के मुताबिक डीजल का नुकसान इससे कम था। तत्काल कीमत बढ़ोतरी टालने के लिए वित्त मंत्रालय ने 27 मार्च को पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर कम कर दी थी।

दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगी आग

ग्लोबल पेट्र्रोल प्राइस डॉट कॉम के के मुताबिक ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 60.7 प्रतिशत बढ़ गई। श्रीलंका में पेट्रोल के दाम 38.2 और डीजल के दाम 41.8 प्रतिशत बढ़ गए। नेपाल में पेट्रोल इस अवधि में जहां 38.2 प्रतिशत महंगा हुआ वहीं, डीजल के दाम 58.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। जबकि न्यूजीलैंड में डीजल 88.6 प्रतिशत और पेट्रोल 30.7 प्रतिशत महंगा हो गया। मलेशिया में पेट्रोल का दाम जहां 58.3 प्रतिशत बढ़ा वहीं, डीजल के रेट में 72.9 फीसद का इजाफा हुआ। यूएई में पेट्रोल में 52.4% और डीजल में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिका में पेट्रोल की कीमत में 46% की भारी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, डीजल में 48 प्रतिशत से अधिक की। लाओस में डीजल 149.7% और पेट्रोल की कीमतों में 35.8% की उछाल दर्ज की गई है। म्यांमार में पेट्रोल की कीमतें 89.2% और डीजल 103.7% तक बढ़ गईं। फिलीपींस में पेट्रोल के दाम 65.3 प्रतिशत बढ़ गए तो डीजल के 58.4 प्रतिशत।

Drigraj Madheshia

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Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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