बजट से पहले कोर सेक्टर के लिए अच्छी खबर, 4 महीने के उच्चतम स्तर पर आंकड़े
उर्वरक और सीमेंट उत्पादन में उछाल से बीते महीने देश के आठ प्रमुख कोर इंडस्ट्रीज की वृद्धि दर 3.7 प्रतिशत रही। यह चार महीने का उच्चतम स्तर है। इस महीने के दौरान कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन बढ़ने की रफ्तार घट गई।
Core sector growth: देश का आम बजट आगामी एक फरवरी को पेश होने वाला है। इससे पहले कोर सेक्टर के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। उर्वरक और सीमेंट उत्पादन में उछाल से बीते महीने देश के आठ प्रमुख कोर इंडस्ट्रीज की वृद्धि दर 3.7 प्रतिशत रही। यह चार महीने का उच्चतम स्तर है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2024 में यह दर 5.1 प्रतिशत थी। इस तरह बीते महीने के आंकड़े में सालाना आधार पर गिरावट है। पिछले साल नवंबर में यह आंकड़ा 2.1 प्रतिशत था।
उर्वरक के उत्पादन में उछाल
इस महीने के दौरान कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन बढ़ने की रफ्तार घट गई। इस दौरान उर्वरक के उत्पादन में 4.1 प्रतिशत और सीमेंट के उत्पादन में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। दिसंबर 2025 में कोयला उत्पादन 3.6 प्रतिशत, इस्पात उत्पादन 6.9 प्रतिशत और बिजली उत्पादन 5.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा। बिजली उत्पादन में नवंबर 2025 के मुकाबले बढ़ोत्तरी हुई, क्योंकि नवंबर में इसमें 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
अप्रैल-दिसंबर अवधि के आंकड़े
चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि के दौरान इन आठ क्षेत्रों के उत्पादन में 2.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 4.5 प्रतिशत थी। आठ प्रमुख उद्योगों की औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 40.27 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि आईआईपी वृद्धि दर नवंबर 2025 के 6.7 प्रतिशत से घटकर दिसंबर 2025 में लगभग 4.5-5 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है।
बता दें कि भारतीय अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 2025-26 में 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। इस तरह भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के 7.3 प्रतिशत के अनुमान और सरकार के 6.3–6.8 प्रतिशत वृद्धि के शुरुआती आकलन से अधिक है।





