
बिखरते बाजार में इस शेयर को खरीदने की लूट, ऑल टाइम हाई पर पहुंचा भाव
संक्षेप: कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स से जुड़ी 2 खबरों का असर कंपनी के शेयर पर पड़ा। दरअसल, कंपनी ने कहा कि उसका बोर्ड 7 सितंबर, 2025 को एक बैठक में बोनस इश्यू पर विचार करेगा। इसके अलावा कंपनी ने भारत की पहली पूर्णतः स्वदेशी शून्य-उत्सर्जन प्रणोदन प्रणाली विकसित की है।
Concord control systems share: बाजार में बड़ी गिरावट के बीच शुक्रवार को कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स के शेयरों को खरीदने की होड़ सी मच गई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यह शेयर करीब 8 उछल गया और और बीएसई पर ₹2450 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। यह शेयर का ऑल टाइम हाई है। फरवरी 2025 में यह शेयर 971.15 रुपये के निचले स्तर पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।

कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स के शेयरों में उछाल क्यों आया?
कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स से जुड़ी 2 खबरों का असर कंपनी के शेयर पर पड़ा। दरअसल, कंपनी ने कहा कि उसका बोर्ड 7 सितंबर, 2025 को एक बैठक में बोनस इश्यू पर विचार करेगा। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा- हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक रविवार, 7 सितंबर, 2025 को दोपहर 12:00 बजे आयोजित होने वाली है, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ, सिक्योरिटीज के बोनस इश्यू पर विचार किया जाएगा।
ये भी है फैक्टर
इसके अलावा कंपनी ने भारत की पहली पूर्णतः स्वदेशी शून्य-उत्सर्जन प्रणोदन प्रणाली विकसित की है। यह प्रणोदन प्रणाली लिथियम आयरन फॉस्फेट (एलएफपी) बैटरियों द्वारा संचालित है और इसमें डीसी चॉपर-आधारित ड्राइव है। पारंपरिक डीजल इंजनों के विपरीत कॉनकॉर्ड की प्रणाली केवल आवश्यकता पड़ने पर ही काम करती है, जिससे अहम फ्यूल बचत, हाई स्किल और जीरो उत्सर्जन प्राप्त होता है।
कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स भारत के अगली पीढ़ी के रेल इंफ्रा का समर्थन करने वाले एम्बेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सॉल्यूशन बनाती है। शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो प्रमोटर्स के पास 67.06 फीसदी की हिस्सेदारी है। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 32.94 फीसदी की है। इस कंपनी में दिग्गज निवेशक मुकुल महावीर अग्रवाल के पास 2,40,000 शेयर या 3.81 फीसदी की हिस्सेदारी है। इसके अलावा आशीष कचोलिया के पास 76,433 शेयर या 1.21 फीसदी की हिस्सेदारी है।





