मुंबई में सीएनजी संकट जारी, पंपों पर लंबी कतारें, ड्राइवरों की मुश्किलें बढ़ीं
CNG Crisis: मुंबई और आसपास के इलाकों में मंगलवार को भी सीएनजी पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। एक प्रमुख गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने के कारण सप्लाई ठप होने से वाहनों में गैस भरवाने में दिक्कतें हो रही हैं।
मुंबई और आसपास के इलाकों में मंगलवार को भी सीएनजी पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। एक प्रमुख गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने के कारण सप्लाई ठप होने से वाहनों में गैस भरवाने में दिक्कतें हो रही हैं। महानगर गैस लिमिटेड के मुताबिक, यह दिक्कत रविवार से शुरू हुई जब राष्ट्रीय रसायन और उर्वरक (आरसीएफ) परिसर में गैल की मुख्य सप्लाई पाइपलाइन को किसी तीसरे पक्ष द्वारा नुकसान पहुंचा। इससे वडाला स्थित एमजीएल के सिटी गेट स्टेशन को गैस की सप्लाई प्रभावित हुई, जो शहर में सीएनजी आपूर्ति का एक प्रमुख केंद्र है।
बहाली का दावा
एमजीएल ने सोमवार शाम कहा कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में गैस सप्लाई करने वाले 389 सीएनजी पंपों में से लगभग 60 फीसदी यानी 225 पंप काम कर रहे थे और मंगलवार दोपहर तक पूरी तरह से सुविधा बहाल होने की उम्मीद थी।
ड्राइवरों की मजबूरी
एक टैक्सी चालक सीताराम राजक ने कहा, "मैं सुबह 4 बजे से सीएनजी पंप पर कतार में खड़ा हूं और मुझे अभी तक नहीं पता कि मेरे वाहन में कब गैस भरेगी, क्योंकि मेरे आगे सैकड़ों टैक्सियां लगी हैं।" वह ताड़देव के एमजीएल सीएनजी पंप पर कतार में खड़े थे। राजक ने कहा कि उन्होंने जल्दी सीएनजी भरवाने की सोची ताकि सड़कों पर कम कैब चलने से अच्छी कमाई हो सके।
घरेलू आपूर्ति पर असर नहीं
एमजीएल नेयह स्पष्ट किया कि घरों में पाइप से दी जाने वाली प्राकृतिक गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी है।
पिछले दिन भी हालात खराब
सोमवार कोभी मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के कई चालू पंपों पर ऑटोरिक्शा, टैक्सियों, स्कूल वाहनों और ऐप-आधारित कैब्स के बीच सीमित सीएनजी सप्लाई को लेकर लंबी कतारें देखी गईं थीं।
कम दबाव की समस्या
पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, कम गैस के दबाव के कारण कई पंपों को या तो गैस देना कम करना पड़ा या फिर कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। मुंबई शहर में करीब 150 सीएनजी पंप हैं, जिनमें से कई सोमवार सुबह से ही काम नहीं कर रहे थे।
वैकल्पिक ईंधन का सहारा
कुछ ऐप-आधारित कैबों ने पेट्रोल का इस्तेमाल शुरू कर दिया, लेकिन काले-पीली टैक्सियों के पास यह विकल्प नहीं था क्योंकि उन्होंने रखरखाव लागत कम करने के लिए अपना पेट्रोल विकल्प हटा दिया था। इस वजह से उन्हें अपना काम रोकना पड़ा।
बेस्ट बसों पर असर
बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्तिऔर परिवहन (बेस्ट) उपक्रम के सूत्रों ने बताया कि कुछ डिपो में सप्लाई प्रभावित होने के कारण उनकी कुछ सीएनजी बसों में देरी हुई या फिर उन्हें अपने रूट छोटे करने पड़े। हालांकि, बेस्ट ने आधिकारिक तौर पर कहा कि उनके संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
कॉमर्शियल यूजर्स के लिए सलाह
एमजीएल ने कहा कि उसने आवासीय उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है और प्रभावित इलाकों में औद्योगिक और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं से सलाह दी है कि जब तक पूरी तरह से सुविधा बहाल नहीं हो जाती, तब तक वे किसी दूसरे ईंधन का इस्तेमाल करें।





