Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़China exports flooding Asia and AI eating jobs JPMorgan Sajjid Chinoy warns of risks to India
चीन और AI के चलते... भारत की अर्थव्यवस्था पर दिग्गज इकॉनमिस्ट ने चेताया

चीन और AI के चलते... भारत की अर्थव्यवस्था पर दिग्गज इकॉनमिस्ट ने चेताया

संक्षेप:

जेपी मॉर्गन के चीफ इंडिया इकॉनमिस्ट सज्जिद चिनॉय ने आगाह किया है कि चीन के सस्ते और अत्यधिक उत्पादन वाले निर्यात वर्तमान में 'एशिया को बाढ़ की तरह भर रहे हैं' और यह भारत समेत उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है।

Nov 23, 2025 07:41 pm ISTVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

जेपी मॉर्गन के चीफ इंडिया इकॉनमिस्ट सज्जिद चिनॉय ने आगाह किया है कि चीन के सस्ते और अत्यधिक उत्पादन वाले निर्यात वर्तमान में 'एशिया को बाढ़ की तरह भर रहे हैं' और यह भारत समेत उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। The Core के साथ बातचीत में चिनॉय ने कहा कि दुनिया के तेजी से डी-ग्लोबलाइज होने और पूंजी-गहन, AI संचालित उत्पादन मॉडल में शिफ्ट होने का सबसे बड़ा दबाव उभरते बाजारों पर पड़ेगा।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

उभरते बाजारों पर असर

चिनॉय के अनुसार, वैश्विक उत्साह भले ही टेक्नोलॉजी और ग्रोथ को लेकर बढ़ रहा हो, लेकिन इसका दूसरा पहलू उभरते बाजारों के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा, “दुनिया अब पहले जितनी ग्लोबलाइज़्ड नहीं है। और जब आप शोर से हटकर देखें, सबसे ज्यादा दबाव उभरते बाजारों पर पड़ेगा।” चिनॉय का कहना है कि विकसित देश अब इस निष्कर्ष पर पहुंच चुके हैं कि पिछले 10–15 वर्षों का वैश्वीकरण उनके लिए लाभकारी नहीं था। यही वजह है कि वे अपनी आर्थिक नीतियों को ज्यादा आक्रामक और अस्थिर बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं की ग्रोथ और वैश्विक ट्रेड वॉल्यूम का ग्राफ लगभग एक जैसा है, यानी इन देशों की विकास दर निर्यात पर कहीं अधिक निर्भर रही है।

चीन पर अमेरिकी टैरिफ का असर

चिनॉय ने बताया कि अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए भारी टैरिफ ने वैश्विक व्यापार को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। अमेरिका को जाने वाला चीनी माल अब एशिया, भारत, मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका और लैटिन अमेरिका की ओर मोड़ दिया गया है।उन्होंने इसे एक उदाहरण से समझाया, “चीनी निर्यात एक नदी की तरह है। अमेरिका ने उस पर एक बड़ा बांध (टैरिफ) लगा दिया। नतीजा यह हुआ कि पानी यानी चीनी निर्यात आसपास के इलाकों में बाढ़ की तरह फैल गया। यही आज एशिया में हो रहा है।”

भारत के सामने दोहरी चुनौती

1. टुकड़ों में बंटे वैश्विक व्यापार में निर्यात बढ़ाना

2. चीनी सस्ते सामान से घरेलू विनिर्माण की रक्षा करना

चिनॉय के अनुसार, “भारत को अब बाहर निर्यात बढ़ाने के लिए मेहनत करनी है और साथ ही अंदर सस्ते चीनी माल से घरेलू उद्योग को बचाना भी है।”

उत्पादन बढ़ेगा, नौकरियां नहीं

चिनॉय ने दूसरी बड़ी चुनौती के रूप में AI और ऑटोमेशन को बताया। उनका कहना है कि दुनिया भर में मैन्युफैक्चरिंग पहले ही ऐसी हो चुकी है जहां हर यूनिट आउटपुट में ज्यादा मशीनें और कम लोग लगते हैं। अब यही स्थिति सफेदपोश नौकरियोंमें भी दिख सकती है। उन्होंने चेतावनी दी, “जापान, चीन और यूरोप जैसी वृद्ध आबादी वाले देशों के लिए यह समस्या नहीं है। लेकिन भारत जैसे युवा देश, जहां अगले 15 साल जनसंख्या लाभांश का समय है, वहां यह एक बड़ा सवाल है।”

AI बूम, लेकिन रोजगार नहीं

AI आधारित मैन्युफैक्चरिंग का उदाहरण देते हुए चिनॉय ने ताइवान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में बढ़ती डेटा सेंटर मांग और AI इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा लाभ ताइवान को मिल रहा है। TSMC से निकलकर सर्वर, GPU और हाई-एंड चिप्स का भारी निर्यात हो रहा है। लेकिन, इससे रोजगार नहीं बढ़ा। ताइवान का निर्यात पिछले एक साल में 33% बढ़ा लेकिन निजी खपत सिर्फ 1% भी नहीं बढ़ी। चिनॉय ने कहा, “यह ग्रोथ इतनी पूंजी-गहन है कि इसका फायदा मजदूरों और जनता तक पहुंच ही नहीं रहा।”

Varsha Pathak

लेखक के बारे में

Varsha Pathak
वर्षा पाठक बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर करीब 2 साल से हिन्दुस्तान डिजिटल से जुड़ी हुई हैं। मूल रूप से मधुबनी (बिहार) की रहने वाली वर्षा लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें बिजनेस सेक्शन के अलग-अलग जॉनर की खबरों की समझ है। इसमें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी आदि शामिल हैं। करीब 7 साल से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय वर्षा ने यहां से पहले दैनिक भास्कर और नेटवर्क 18 में बतौर कंटेंट राइटर काम किया है। उन्हें रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। करियर की छोटी अवधि में ही वर्षा के काम की ना सिर्फ सराहना हुई है बल्कि सम्मानित भी किया गया है। वर्षा ने जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री ली। और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।