
केंद्रीय कर्मचारियों के घर का सपना साकार… सरकार देगी ₹25 लाख तक होम लोन
केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए घर बनाने या खरीदने का सपना पूरा करना थोड़ा आसान है। हाउस बिल्डिंग एडवांस योजना के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को घर बनाने, खरीदने, मरम्मत कराने या प्लॉट खरीदने के लिए सरकार बेहद कम ब्याज दर पर लोन देती है।
House Building Advance Scheme: अपने घर का सपना हर किसी का होता है। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए घर बनाने या खरीदने का सपना पूरा करना थोड़ा आसान है। दरअसल, केंद्र सरकार की हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) योजना के तहत कर्मचारियों को बेहद कम ब्याज दर पर होम लोन मिल जाता है। आइए योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
योजना के बारे में
हाउस बिल्डिंग एडवांस योजना के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को घर बनाने, खरीदने, मरम्मत कराने या प्लॉट खरीदने के लिए सरकार बेहद कम ब्याज दर पर लोन देती है। यह योजना कर्मचारियों को अपने भविष्य सुरक्षित करने और आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद करती है। सरकार ने इस योजना के तहत लोन की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर इसे अधिक प्रभावी बनाया है।
अब एक केंद्रीय कर्मचारी अपनी मूल वेतन + डीए के 34 गुना तक या 25 लाख रुपये तक की अधिकतम राशि HBA के रूप में ले सकता है। यदि कर्मचारी घर का विस्तार या मरम्मत कराना चाहता है, तो इसके लिए भी निर्धारित सीमा के अनुसार एडवांस मंजूर किया जाता है। सरकार कर्मचारियों को HBA पर बाजार दरों से काफी कम ब्याज दर प्रदान करती है। यह ब्याज दर आमतौर पर 6% से 7.5% के बीच होती है जबकि निजी बैंकों में होम लोन की दरें इससे काफी अधिक होती हैं। बता दें कि HBA की ब्याज दर फिक्स्ड होती है। इसका मतलब है कि लोन अवधि में बढ़ती-ब्याज का खतरा नहीं रहताहै।
हाउस बिल्डिंग एडवांस योजना की शर्तें
यह योजना केंद्र सरकार के सभी स्थायी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है जबकि कुछ शर्तों के साथ अस्थायी कर्मचारी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, यह जरूरी है कि केंद्रीय कर्मचारी ने कम से कम 5 साल की सरकारी सेवा पूरी की हो। इसके अलावा कर्मचारी के नाम पर कोई सरकारी आवास या पूर्व में आवास संबंधी सरकारी लाभ न लिया गया हो। वहीं, पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हों तो केवल एक ही HBA ले सकता है।
योजना के नियम हुए आसान
सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में HBA के नियमों को और सरल किया है। अब निर्माण का प्रमाण, नक्शा और अन्य दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। इससे लोन प्रक्रिया तेज हुई है और कर्मचारियों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ता।





