
2 सरकारी कंपनियों का होगा मर्जर, मोदी सरकार का है तगड़ा प्लान, शेयर पर रखें नजर
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में दोनों सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी कंपनियों के पुनर्गठन का ऐलान किया था। सरकार का कहना है कि ‘विकसित भारत’ विजन के तहत क्रेडिट ग्रोथ और टेक्नोलॉजी अपनाने के बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए यह कदम जरूरी है।
PFC-REC Merger: सरकार के बड़े फैसले के तहत पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) और आरईसी लिमिटेड (REC) के मर्जर की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। REC के बोर्ड ने हाल ही में सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में दोनों सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी कंपनियों के पुनर्गठन का ऐलान किया था। सरकार का कहना है कि ‘विकसित भारत’ विजन के तहत क्रेडिट ग्रोथ और टेक्नोलॉजी अपनाने के बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए यह कदम जरूरी है।
PFC ने क्या कहा
PFC ने अपने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि बोर्ड ने PFC और REC के मर्जर को सैद्धांतिक (इन-प्रिंसिपल) मंजूरी दे दी है। साथ ही यह भी साफ किया गया है कि मर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी ‘सरकारी कंपनी’ का दर्जा बनाए रखेगी। दिसंबर 2025 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, PFC के पास REC में 52.6% हिस्सेदारी है, जबकि बाकी 47.4% हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है, जिनमें म्यूचुअल फंड, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक, बीमा कंपनियां और एआईएफ शामिल हैं।
क्या है सरकार का मकसद
सरकार का मानना है कि इस मर्जर से दोनों कंपनियों के बीच की प्रतिस्पर्धा कम होगी और एक मजबूत, बड़े पैमाने पर काम करने वाली पावर फाइनेंसिंग कंपनी बनेगी। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, मर्जर से ऑपरेशनल सिनर्जी मिलेगी, ओवरलैपिंग कामकाज में कटौती होगी और उधारदाताओं के साथ बेहतर सौदेबाजी की ताकत बढ़ेगी। हालांकि, मर्जर की बारीकियों को लेकर अभी कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।
दोनों कंपनियों के नतीजे
अगर तिमाही नतीजों की बात करें तो REC का दिसंबर तिमाही का मुनाफा लगभग स्थिर रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट 4,052 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 4,076 करोड़ रुपये के मुकाबले थोड़ा कम है। कुल आय 5.4% बढ़कर 15,058 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी ने 4.6 रुपये प्रति शेयर का तीसरा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया। दूसरी ओर, PFC का प्रदर्शन बेहतर रहा। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 8% बढ़कर 6,292 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि कुल आय 8.6% बढ़कर 29,141 करोड़ रुपये रही। PFC ने 4 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया।
शेयरों के हाल
शेयर बाजार में मर्जर की खबर के बीच पीएफसी के शेयर आज बुधवार को 0.63% बढ़कर 417.60 रुपये पर आ गया था, जबकि REC का शेयर मामूली गिरावट के साथ 353.85 रुपये पर आ गया। ब्रोकरेज हाउस ने दोनों शेयरों पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। PFC के लिए 500 रुपये और REC के लिए 430 रुपये का टारगेट प्राइस दिया गया है।

लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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