अनिल अंबानी की कंपनी के खिलाफ पहली चार्जशीट दायर, CBI का बड़ा एक्शन
मुख्य बातें
- सीबीआई ने शुक्रवार को 16 आरोपी संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दायर की
- इनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उसके पांच सीनियर अधिकारी शामिल हैं
- सीबीआई ने यह मामला एसबीआई की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था
अनिल अंबानी के रिलायंस समूह से जुड़े मामलों में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को 16 आरोपी संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दायर की। इनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उसके पांच सीनियर अधिकारी के अलावा भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पहले के सिंडिकेट बैंक के 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, फंड के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक जांच जारी है और मामले में आगे भी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं।
क्या है मामला?
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि यह चार्जशीट रिलायंस कम्युनिकेशंस को दिए गए करीब 1,200 करोड़ रुपये के लोन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी जांच पर आधारित है। इसमें एसबीआई द्वारा मंजूर किए गए 500 करोड़ रुपये के टर्म लोन, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 350 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा और सिंडिकेट बैंक की 350 करोड़ रुपये की एलओसी सुविधा शामिल है। जांच एजेंसी का कहना है कि इन पैसों के उपयोग में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
एसबीआई की शिकायत
सीबीआई ने यह मामला एसबीआई की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रिलायंस कम्युनिकेशंस की वजह से बैंक को लगभग 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जांच एजेंसी के मुताबिक रिलायंस कम्युनिकेशंस को 11 बैंकों के कंसोर्टियम ने लोन दिया था। इसका नेतृत्व एसबीआई कर रहा था। सीबीआई ने रिलायंस समूह की अन्य कंपनियों से जुड़े मामलों में भी कुल छह एफआईआर दर्ज की हैं।
सीबीआई ने की थी छापेमारी
हाल ही में सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में सात परिसरों में तलाशी अभियान चलाया। बीते 14 मई को सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि मुंबई, गुरुग्राम और बेंगलुरु में कंपनी के तत्कालीन सीईओ, सीएफओ और निदेशकों के आवासीय परिसरों पर तलाशी ली गई जिन्होंने 2015-2017 की अवधि के दौरान अपनी सेवाएं दीं। सीबीआई ने इससे पहले 31 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था और रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया था।
बीते अप्रैल में ही ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और उसके प्रमोटर अनिल अंबानी से जुड़ी बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जांच मामले में 3,034.90 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। कुर्क की गयी संपत्तियों में दक्षिण मुंबई के फ्लैट, खंडाला में एक फार्महाउस, अहमदाबाद के साणंद में भूखंड और प्रमोटर ग्रुप की कंपनी 'राइजी इनफिनिटी प्राइवेट लिमिटेड' के पास मौजूद रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 7.71 करोड़ शेयर शामिल हैं।
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