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जुर्माने पर बायजू का पलटवार, सबूतों के साथ अमेरिकी अदालत में जाएंगे रवींद्रन

जुर्माने पर बायजू का पलटवार, सबूतों के साथ अमेरिकी अदालत में जाएंगे रवींद्रन

संक्षेप:

रवींद्रन के मुताबिक ग्लास ट्रस्ट के पास 2025 से ही इस पूरे लेनदेन का रिकॉर्ड था और पैसे की आवाजाही के बारे में कोई सूचना न होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। रवींद्रन ने कहा कि बैंक रिकॉर्ड, ईमेल और ट्रांसफर ट्रेल जैसे नए दस्तावेज अदालत में पेश किए जाएंगे।

Nov 27, 2025 09:45 pm ISTDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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आर्थिक संकट से जूझ रही एडुटेक कंपनी बायजू के संस्थापक बायजू रवींद्रन अमेरिकी अदालत में 2.5 अरब डॉलर का क्षतिपूर्ति दावा दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही अल्फा फंड से 53.3 करोड़ डॉलर की रकम दूसरी जगह भेजने के आरोपों को गलत ठहराने वाले सबूत भी पेश किए जाएंगे। बता दें कि अमेरिका के डेलावेयर की दिवाला अदालत ने पिछले सप्ताह रवींद्रन को एक अरब डॉलर से अधिक भुगतान करने का आदेश दिया था। अदालत का कहना था कि वह साल 2021 में लिए गए 1.2 अरब डॉलर के कर्ज में से आधी रकम का पता लगाने में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

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क्या कहा रवींद्रन ने?

रवींद्रन ने एक बयान में कहा है कि अमेरिकी अदालत ने उन्हें अपना वकील रखने के लिए 30 दिन का समय नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे और ग्लास ट्रस्ट एवं अन्य पक्षों पर अलग से 2.5 अरब डॉलर का दावा ठोंकेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का 53.3 करोड़ डॉलर की समूची राशि का विवरण दर्ज है। इसका बड़ा हिस्सा कर्ज व्यवस्थापक ओसीआई से रिवेरे कैपिटल और फिर विभिन्न बायजू इकाइयों से होते हुए मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड (टीएलपीएल) तक पहुंचा था। इस राशि का उपयोग आकाश एजुकेशनल सर्विसेज एवं अन्य अधिग्रहणों में किया गया। रवींद्रन के मुताबिक ग्लास ट्रस्ट के पास 2025 से ही इस पूरे लेनदेन का रिकॉर्ड था और पैसे की आवाजाही के बारे में कोई सूचना न होने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। रवींद्रन ने कहा कि बैंक रिकॉर्ड, ईमेल और ट्रांसफर ट्रेल जैसे नए दस्तावेज अदालत में पेश किए जाएंगे।

गलत जानकारी देने के आरोप

बायजू के संस्थापकों ने आरोप लगाया कि ग्लास ट्रस्ट और कंपनी के समाधान पेशेवर ने इस बारे में अमेरिकी और भारतीय अदालतों में गलत जानकारी दी। उनका कहना है कि रकम गायब नहीं हुई, बल्कि निवेश के रूप में इसका इस्तेमाल हुआ। रवींद्रन ने बयान में कहा कि दो साल से मेरी और अन्य संस्थापकों की ईमानदारी पर अनावश्यक हमला हो रहा है। ये फंड कंपनी की वृद्धि के लिए ही खर्च किए गए थे, व्यक्तिगत उपयोग के लिए नहीं। बता दें कि अमेरिकी अदालत ने पिछले सप्ताह अपने आदेश में रवींद्रन को 53.3 करोड़ डॉलर की मूल राशि के साथ 54 करोड़ डॉलर जुर्माने और अन्य लेनदेन के रूप में चुकाने के लिए कहा।

Deepak Kumar

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दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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