₹1600 का LPG सिलेंडर आज ले लें ₹942 में, क्या पता कल 1 जुलाई को बदल जाए रेट?
मुख्य बातें
- युद्ध के दौरान संकट के बावजूद, 12 भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रे से गुजरे
- यह बड़ी कूटनीति का नतीजा था
- खरीदारी 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक की गई
- सरकार ने एलपीजी की लागत से काफी कम रेट पर आम जनता के लिए गैस उपलब्ध कराया और बाकी का बोझ सरकार ने खुद उठाया

LPG Price Today: अभी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर लागत से 658 रुपये कम रेट पर केवल 942 रुपये में मिल रहा है। जबकि, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को तो यही सिलेंडर 958 रुपये सस्ता मिल रहा है। बता दें 1 जुलाई को एलपीजी के रेट अपडेट होने से पहले यह बड़ा खुलासा नीति आयोग के पूर्व सीईओ और भारत के पूर्व जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने ANI से खास बातचीत में किया।
कांत ने बताया, "भारत ने बहुत पहले ही एलपीजी नियंत्रण आदेश लागू कर दिया था, जिससे सिलेंडर की उपलब्धता बनी रही और कीमतें स्थिर रहीं। जबकि, इसकी लागत 1600 रुपये थी, उज्ज्वला उपभोक्ता को यह 642 रुपये में और आम उपभोक्ता को 942 रुपये में मिला। बाकी का बोझ सरकार ने उठाया।" उन्होंने कहा कि पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर 10 रुपये से शून्य कर दिया गया, जिससे कीमतों का बोझ आम आदमी पर नहीं डाला गया।
खरीदारी 27 देशों से बढ़कर 41 तक पहुंची
उन्होंने बताया, "संकट के बावजूद, 12 भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रे से गुजरे। यह बड़ी कूटनीति का नतीजा था।" खरीदारी 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक की गई, जिससे व्यापक आधार बना और भारत को काफी मदद मिली। घरेलू स्तर पर, रिफाइनरियों को तकनीकी रूप से बदलकर एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया।
सरकार ने उठाए महत्वपूर्ण कदम
डिजिटल माध्यमों से रिसाव रोका गया। सरकार ने आधार, पाइप्ड गैस कनेक्शन और समय-सीमा तय करके यह सुनिश्चित किया कि सही व्यक्ति को सप्लाई मिले और किसी उपभोक्ता को परेशानी न हो।
कांत ने कहा कि बाकी दुनिया में हाहाकार मचा और हर नागरिक महंगाई से पीड़ित हुआ, जबकि भारत में सरकार ने पूरी जिम्मेदारी ली। उन्होंने 'मंत्रालयों के बीच बहुत मजबूत को-ऑर्डिनेशन' की सराहना की और कहा, "यह दौर भारत के लिए अच्छे शासन और प्रशासन का उदाहरण है, जिससे आम जीवन पूरी तरह सामान्य रहा और आम नागरिक पर कोई असर नहीं पड़ा।" इसकी सबसे बड़ी वजह थी समय रहते उठाए गए कदम।
भारत ने दुनिया भर में फैले भारी ऊर्जा संकट के बावजूद आम जीवन को सामान्य बनाए रखा। कांत ने कहा, "भारत अपने 86% जीवाश्म ईंधन और करीब 60% एलपीजी आयात करता है। किसी भी दूसरे देश में यह स्थिति अफरा-तफरी और अर्थव्यवस्था के चरमराने का कारण बनती। भारत ने इसे बहुत शानदार तरीके से संभाला। शायद कोविड प्रबंधन से भी बेहतर, क्योंकि इससे आम आदमी की जिंदगी और महंगाई पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा।"
आज 30 जून को एलपीजी सिलेंडर के रेट
शहर घरेलू सिलेंड का रेट कमर्शियल सिलेंडर का रेट
गुरुग्राम ₹949 ₹3130
रांची ₹999.50 ₹3304
मुंबई ₹941.50 ₹3067.50
इंदौर ₹970 ₹3220
अमृतसर ₹973.50 ₹3207.50
जयपुर ₹952.50 ₹3152.50
हैदराबाद ₹994 ₹3367
चेन्नई ₹957.50 ₹3283
लखनऊ ₹976.50 ₹3236
देहरादून ₹961 ₹3171
कोलकाता ₹968 ₹3255.50
बेंगलुरु ₹944.50 ₹3198
लेह ₹1179 ₹3752
श्रीनगर ₹1058 ₹3458
अंडमान ₹1018 ₹3544
चित्तूर ₹1008.50 ₹3300
तवांग ₹1007.50 ₹3372.50
डिब्रूगढ़ ₹940.50 ₹3196
दमन ₹956.50 ₹3112
गोवा ₹956 ₹3194
अहमदाबाद ₹949 ₹3135
शिमला ₹986.50 ₹3221.50
स्रोत: इंडियन ऑयल
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


