
सालभर में 32000 अंक को पार करेगा निफ्टी? कोटक सिक्योरिटीज को बड़े उछाल की उम्मीद
कोटक सिक्योरिटीज के श्रीपाल शाह ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ग्रोथ का मजबूत केंद्र बना हुआ है। हमारी इक्विटी पर राय पॉजिटिव है, क्योंकि कॉर्पोरेट अर्निंग अच्छी रहने की उम्मीद है और नीतिगत माहौल भी सहयोगी है।
घरेलू ब्रोकरेज फर्म कोटक सिक्योरिटीज ने बुधवार को कहा कि वर्ष 2026 के अंत तक उसे मानक सूचकांक निफ्टी में 12 प्रतिशत तेजी आने की उम्मीद है। कोटक सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्रीपाल शाह ने कहा कि सामान्य परिस्थिति में निफ्टी 2026 के अंत तक 29,120 अंक तक पहुंच सकता है। शाह ने कहा कि यह तेजी मुख्य रूप से अगले साल कंपनियों की आय वृद्धि दर 17 प्रतिशत तक बढ़ने से आएगी। वहीं, बुल केस में निफ्टी का लक्ष्य 24% बढ़कर 32,032 तक जा सकता है। इसके अलावा बियर केस यानी नीचे जाने वाली स्थिति में निफ्टी 26,208 तक आ सकता है। कोटक सिक्योरिटीज के मुताबिक कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए पसंदीदा सेक्टर-BFSI (बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज), टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी रह सकता है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ग्रोथ का मजबूत
कोटक सिक्योरिटीज के श्रीपाल शाह ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ग्रोथ का मजबूत केंद्र बना हुआ है। हमारी इक्विटी पर राय पॉजिटिव है, क्योंकि कॉर्पोरेट अर्निंग अच्छी रहने की उम्मीद है और नीतिगत माहौल भी सहयोगी है। 2026 में सोना एक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में अपनी चमक बनाए रखेगा। युवा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से बाजार और मजबूती पकड़ेगा और वेल्थ क्रिएशन के नए अवसर पैदा होंगे। इंडस्ट्री के मोर्चे पर उन्होंने आगे कहा कि लेटेस्ट सेबी (SEBI) सर्वे के अनुसार, 63% परिवार कम से कम एक सिक्योरिटीज मार्केट प्रोडक्ट के बारे में जानते हैं, लेकिन सिर्फ 9.5% परिवार ही वास्तव में निवेश करते हैं। इसका मतलब है कि भारत के इक्विटी बाजार में अभी भी बहुत बड़ा अनछुआ संभावित हिस्सा मौजूद है। ब्रोकरेज फर्मों को आगे आकर निवेश को आसान और सभी के लिए सुलभ बनाना चाहिए।
निफ्टी के लिए कैसा रहा साल
भारतीय शेयर बाजार में सितंबर 2024 की ऊंचाइयों से 17% की गिरावट आई थी लेकिन निफ्टी 50 ने 2025 के अंत तक एक नया आल टाइम हाई लेवल हासिल कर लिया। लार्ज-कैप कंपनियों के शेयरों ने सबसे ज्यादा बढ़त दिखाई, जबकि मिड-कैप और स्मॉल-कैप पीछे रह गए।





