
बजट 2026 के बाद नियमों में क्या कुछ बदला? न्यू टैक्स रिजीम में ₹75000 की छूट, NPS कॉन्ट्रीब्यूशन पर इन्हें फायदा
Budget 2026: मिडिल क्लास को इस बार के बजट 2026 में इनकम टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है। जिसकी वजह से वजट 2025 की घोषणाएं ही लागू रहेंगी। नए टैक्स रिजीम के तहत कर्मचारियों को 12 लाख की आय के बाद 75000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम करने का मौका मिलता है।
Budget 2026: मिडिल क्लास को इस बार के बजट 2026 में इनकम टैक्स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं मिली है। जिसकी वजह से वजट 2025 की घोषणाएं ही लागू रहेंगी। नए टैक्स रिजीम के तहत कर्मचारियों को 12 लाख की आय के बाद 75000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम करने का मौका मिलता है। वहीं, एनपीएस कॉन्ट्रीब्यूशन पर नियोक्ता 14 प्रतिशत टैक्स छूट क्लेम कर पाएंगे। बता दें, न्यू टैक्स रिजीम के तहत 87A के नियमों के अनुसार 12 लाख की आय पर 60,000 रुपये का छूट मिलता है। जिसकी वजह से नए कर प्रणाली में 12 लाख की आय पर जीरो टैक्स हो जाता है।
नए टैक्स रिजीम पर क्या छूट मिलेगी?
कर्मचारियों 12 लाख से अधिक की आय पर 75000 रुपये तक का स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम कर पाएंगे। वहीं, नियोक्ता सेक्शन 80CCD(2) के तहत एनपीएस कॉन्ट्रीब्यूशन पर सैलरी का 14 प्रतिशत क्लेम कर पाएंगे।
स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की हुई थी मांग
बजट 2026 में कर्मचारियों ने स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की मांग की थी। मौजूदा समय में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75000 रुपये का है। इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग हुई थी। बता दें, स्टैंडर्ड डिडक्शन को क्लेम करने के लिए कोई भी डॉक्यूमेंट की आवश्यकता नहीं होती है।
कौन क्लेम कर सकता है स्टैंर्डड डिडक्शन
मौजूदा नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो सैलरी या पेंशन का लाभ उठा रहा है वह स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम कर सकता है।
कौन-कौन स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम नहीं कर सकता?
Freelancers, बिजनेस के मालिक और प्रोफेशनल्स इस डिडक्शन का क्लेम नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति की आय सिर्फ किराए, कैपिटल गेंस और ब्याज और बिजनेस पर आधारित है तो ऐसे लोग स्टैंडर्ड डिडक्शन क्लेम नहीं कर सकते हैं।
एनपीएस पर मिलेगी कोई छूट?
नए टैक्स रिजीम के तहत किसी भी एनपीएस कॉन्ट्रीब्यूशन पर कोई भी छूट व्यक्ति को नहीं मिलेगी। इसमें नियोक्ता को छूट है। बता दें, उम्मीद की जा रही थी कि एनपीएस को छूट-छूट-छूट (exempt-exempt-exempt) पर आधारित होगा। जिसमें कॉन्ट्रीब्यूशन, रिटर्न और रिटायरमेंट फंड को टैक्स फ्री किया जाएगा। लेकिन ऐसा कोई ऐलान बजट 2026 में नहीं हुआ है।





