कंपनी का मुनाफा 174% चढ़ा तो शेयर बन गए रॉकेट, ₹3,760 तक पहुंचा टार्गेट प्राइस
BSE Share Price: भारत के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज ने पिछले पांच वर्षों में 4,674.59% का रिटर्न देकर खुद को एक मल्टीबैगर शेयर साबित किया है। बीएसई शेयर पर नजर रखनेवाले 16 विश्लेषकों में से 12 ने खरीदें और चार ने होल्ड की रेटिंग दी है

BSE लिमिटेड के शेयर की कीमत मंगलवार को 6% बढ़कर ₹3,175 प्रति शेयर के अपने 52-सप्ताह के हाई पर पहुंच गई। यह उछाल कंपनी द्वारा सोमवार को जारी किए गए मजबूत तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों के बाद आई है। सुबह के सत्र में शेयर का भाव ₹3,094 पर खुला, जो सोमवार के पिछले बंद भाव ₹2,985 से अधिक है। भारत के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज ने पिछले पांच वर्षों में 4,674.59% का रिटर्न देकर खुद को एक मल्टीबैगर शेयर साबित किया है। बीएसई शेयर पर नजर रखनेवाले 16 विश्लेषकों में से 12 ने 'खरीदें' और चार ने 'होल्ड' की रेटिंग दी है।
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में BSE लिमिटेड के शेयर 4.2% बढ़कर ₹3,111 प्रति शेयर के अपने अब तक के उच्च स्तर पर पहुंच गए। पिछले एक महीने में यह शेयर 11%, छह महीने में 29% और पिछले एक साल में 66% चढ़ चुका है।
बीएसई के Q3 नतीजे 2026: मुनाफे-आय में जबरदस्त उछाल
BSE ने तीसरी तिमाही में समेकित नेट प्रॉफिट ₹603 करोड़ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹220 करोड़ के मुकाबले 174% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि है। सितंबर तिमाही के ₹538 करोड़ की तुलना में लाभ में 12% की वृद्धि हुई है।
आय में भी बड़ी छलांग
एक्सचेंज की आय में भी 62% की बढ़ोतरी हुई, जो तिमाही में ₹1,244 करोड़ पर पहुंच गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से लेनदेन शुल्क में वृद्धि के कारण हुई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹511 करोड़ और सितंबर तिमाही के ₹794 करोड़ से बढ़कर ₹952 करोड़ हो गया।
अन्य सेगेमेंट का प्रदर्शन
कॉर्पोरेट्स सर्विस से आय बढ़कर ₹156 करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹150 करोड़ और पिछली तिमाही के ₹138 करोड़ से अधिक है। क्लीयरिंग और सेटलमेंट से ट्रेजरी आय ₹42.9 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹48 करोड़ से थोड़ी कम है।
इक्विटी डेरिवेटिव्स में धमाका
BSE के इक्विटी डेरिवेटिव्स बिजनेस ने Q3 FY26 में मजबूत प्रदर्शन किया। ऑप्शंस में औसत डे नेशनल टर्नओवर ₹210 लाख करोड़ पर पहुंच गया, जो Q3 FY25 के ₹105 लाख करोड़ और Q2 FY26 के ₹164 लाख करोड़ से अधिक है।
मार्जिन में सुधार
एक्सचेंज का ऑपरेटिंग EBITDA (कोर SGF सहित) ₹732 करोड़ रहा, जो एक साल पहले के ₹235 करोड़ से काफी अधिक और पिछली तिमाही के ₹680 करोड़ से भी ज्यादा है। ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 59% पर पहुंच गया, जबकि Q3 FY25 में यह 31% था। हालांकि, यह Q2 FY26 के 64% से कुछ कम है।
ब्रोकरेज फर्मों का रुख
- नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए टार्गेट प्राइस ₹3,760 प्रति शेयर कर दिया है। उनका कहना है कि मजबूत वॉल्यूम जारी रहने से उन्होंने अपने अनुमान बढ़ा दिए हैं।
- यूबीएस ने भी 'Buy' रेटिंग जारी रखी है और टार्गेट प्राइस ₹3,650 कर दिया है। उन्होंने कहा कि BSE का तीसरी तिमाही में बाजार हिस्सा बढ़ना जारी है और आय मजबूत रही। प्रबंधन को उम्मीद है कि STT दरों में वृद्धि का ऑप्शन वॉल्यूम पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा।
- जेफरीज ने 'होल्ड' रेटिंग रखी है लेकिन टार्गेट प्राइस बढ़ाकर ₹3,050 कर दिया है। उनका मानना है कि बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि शॉर्ट टर्म ग्रोथ का मुख्य चालक रहेगी, लेकिन नए उत्पादों पर स्पष्टता के अभाव को FY29 के बाद एक चुनौती बताया है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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