Bitcoin खरीदने से क्यों बच रहे हैं लोग? 68000 डॉलर के नीचे आया दाम
मुख्य बातें
- Bitcoin: युद्ध का असर क्रिप्टो मार्केट पर भी देखा जा रहा है
- बिटक्वाइन का दाम 68000 डॉलर के नीचे आ चुका है
- लगातार तीन दिन से बिकवाली देखने को मिल रही है
Bitcoin Price Falling: युद्ध की वजह से क्रिप्टोकरेंसी से लेकर शेयर बाजार और सोने-चांदी तक हर जगह भारी गिरावट देखने को मिल रही है। आज क्रिप्टो मार्केट पर काफी दबाव है। जिसकी वजह से बिटक्वाइन 68000 डॉलर के नीचे आ गया। बिटक्वाइन की कीमतों के नीचे आने की वजह डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान है। अमेरिकी राष्ट्रपित ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट को बर्बाद करने की धमकी दी है। यह उनके उस बयान के बिलकुल उलट है। जिसमें उन्होंने ईरान युद्ध को समेटने की बात कही थी। बता दें, अचानक हुए इस बदलाव ने वित्तीय बाजारों पर दबाव बढ़ाया है। जिसका असर क्रिप्टो मार्केट पर भी देखा जा रहा है।
इन बयानों की वजह से महज 60 मिनट में $240 मिलियन से अधिक की लेवरेज्ड क्रिप्टो पोजीशन्स खत्म हुई हैं। कीमतों में गिरावट की वजह से निवेशकों को लॉन्ग पोजीशन्स छोड़ना पड़ा है।
तीन दिन से गिरावट जारी
बिटक्वाइन में बिकवाली लगभग 76000 डॉलर स्तर पर पहुंचने के बाद दर्ज की गई है। कीमतों को 68000 डॉलर के नीचे आने की वजह से बिकवाली को और बढ़ावा मिला। बता दें, क्रिप्टोकरेंसी में बीते 3 दिनों से गिरावट देखने को मिल रही है। इसके अलावा इंस्टीट्यूशनल डिमांड में भी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी लिस्टेड स्पॉट बिटक्वाइन एक्सचेंज ट्रे़डड फंड्स में गुरुवार को 90.20 मिलियन डॉलर का नेट आउट फ्लो देखा गया था। इससे पहले 163.50 मिलियन डॉलर का नेट विथड्राल देखने को मिला था।
ईरान युद्ध की वजह से निवेशक बेच रहे हैं बिटक्वाइन
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर हर तरफ देखा जा रहा है। बढ़ती अनिश्चितता की वजह से इकनॉमी पर दबाव बढ़ा है। वहीं, क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज की गई है। सप्लाई प्रभावित होने की वजह से महज कुछ दिन में ही कच्चे तेल का भाव 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुका है। बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को झकझोर कर रख दिया है। वहीं, यह दुनिया भर के सेंट्रल बैंक पर भी दबाव बढ़ा रहा है।
मौजूदा परिस्थितियों को अगर देखा जाए तो एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि अक्टूबर में फेड रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों को बढ़ाया जा सकता है।
(यह बाजार काफी जोखिम भरा है। ऐसे में किसी भी निवेश से पहले नियमों को जांच परख लें।)


