बिस्किट ब्रांड पारले-G की कंपनी ने IPO के लिए बढ़ाए कदम, कब तक लॉन्चिंग का है प्लान?
मुख्य बातें
- पारले प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने आईपीओ के लिए कदम बढ़ा दिए हैं
- बता दें कि पारले प्रोडक्ट्स के पास पारले-जी, मैंगो बाइट और मेलोडी जैसे पॉपुलर ब्रांड है

Parle Products IPO: बिस्किट और कन्फेक्शनरी की बड़ी कंपनी पारले प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने आईपीओ के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। मनीकंट्रोल की एक खबर के मुताबिक कंपनी को प्रमोट करने वाला चौहान परिवार अगले साल 1 अरब डॉलर (9,530 करोड़ रुपये) से ज्यादा के बड़े IPO की योजना बना रहा है। बता दें कि पारले प्रोडक्ट्स के पास पारले-जी, मैंगो बाइट और मेलोडी जैसे पॉपुलर ब्रांड है।
शुरुआती दौर में बातचीत
एक सूत्र ने बताया, "आईपीओ की प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है और कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है लेकिन फिलहाल पारले प्रोडक्ट्स 10.5 बिलियन डॉलर (1,00,000 करोड़ रुपये से अधिक) से ज्यादा की IPO वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रही है।" सूत्र के मुताबिक मार्केट की स्थितियों के आधार पर बाद में इश्यू के साइज और टारगेटेड वैल्यूएशन जैसी जानकारी बदली जा सकती है।
एक अन्य सूत्र ने कहा, "कंपनी ने अभी के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल और HSBC सिक्योरिटीज को एडवाइजर के तौर पर चुना है।" जानकारी के मुताबिक पारले प्रोडक्ट्स के एडवाइजर सिंडिकेट में एक चौथा इन्वेस्टमेंट बैंक भी शामिल हो सकता है और इसके लिए दूसरी फर्मों से बातचीत चल रही है। बता दें कि पारले प्रोडक्ट्स के प्रस्तावित IPO का साइज, वैल्यूएशन और शॉर्टलिस्ट किए गए एडवाइजर के नामों के बारे में पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी। यह पहली बार है जब कंपनी के आईपीओ को लेकर तेज हलचल है।
क्या कहा कंपनी के सीएमओ ने?
पारले प्रोडक्ट्स के CMO मयंक शाह ने कहा, "हम बाजार की अटकलों पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं। अभी हमारा ध्यान बिजनेस को चलाने और उसे बढ़ाने पर है। हमारे स्तर की किसी भी कंपनी की तरह, हम ऐसे विकल्पों पर विचार करते रहते हैं जिनसे हमारी ग्रोथ हो सके।"
कंपनी के बारे में
विजय चौहान के नेतृत्व वाली पारले प्रोडक्ट्स, जयंतीलाल चौहान, शौना चौहान और नादिया चौहान के नेतृत्व वाली बेवरेज कंपनी पारले एग्रो से अलग है। यह फ्रूटी, Appy Fizz और बेली जैसे लोकप्रिय ब्रांड बनाती है। परिवार के बंटवारे के बाद दोनों फर्में अलग-अलग काम करती हैं। भारतीय बाजार में पारले प्रोडक्ट्स की प्रतिस्पर्धी कंपनियों में ब्रिटानिया (गुड डे, टाइगर), ITC (सनफीस्ट), मोंडेलेज इंडिया, परफेटी, प्रिया गोल्ड, अनमोल इंडस्ट्रीज और अन्य शामिल हैं।
1929 में कंपनी की शुरुआत
मुंबई के विले पार्ले में हेडक्वार्टर वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स की शुरुआत 1929 में हुई थी। FY25 में पारले प्रोडक्ट्स का ऑपरेशनल रेवेन्यू 8.5% बढ़कर 15,568.49 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, कंपनी का मुनाफा 39% घटकर 979.53 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक इसके प्रोडक्ट्स अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड और मिडिल ईस्ट में बेचे जाते हैं। वहीं, भारत के बाहर नाइजीरिया, कैमरून, घाना, इथियोपिया, केन्या, आइवरी कोस्ट, नेपाल और मैक्सिको जैसे कई देशों में इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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