
कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत, गलती से बढ़ी पेंशन को बिना नोटिस बंद नहीं करेगा विभाग
सरकार ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बड़ी राहत दी है। अब अगर किसी पेंशनभोगी को गलती से ज्यादा भुगतान कर दिया गया है और यह उसकी गलती से नहीं हुआ है, तो संबंधित मंत्रालय या विभाग यह तय कर सकेगा कि उस अतिरिक्त राशि को वसूला जाए या माफ कर दिया जाए।
सरकार ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि गलती से भुगतान की गई अतिरिक्त पेंशन की वसूली के लिए पहले उच्चस्तर पर इसकी मंजूरी लेनी होगी, उसके बिना वसूली नहीं की जाएगी। यह आदेश पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने हाल में जारी किया है। इसके मुताबिक, एक बार तय की गई पेंशन या पारिवारिक पेंशन को घटाया नहीं जा सकेगा। हालांकि, कोई लेखन या गणना संबंधी गलती न पाई जाती है तो अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जा सकती है।
दो माह का नोटिस देना होगा
गलती से बढ़ी हुई पेंशन के मामले में लागू नई व्यवस्था के अनुसार, यदि किसी पेंशन या पारिवारिक पेंशन में कोई गलती दो साल से अधिक समय बाद पाई जाती है, तो उसे कम करने से पहले संबंधित मंत्रालय को पेंशनभोगी कल्याण विभाग से मंजूरी लेनी होगी। साथ ही रकम वापसी से पहले पेंशनभोगी को दो माह का नोटिस देना होगा।
यह कदम इसलिए अहम है, क्योंकि पहले कई बार सेवानिवृत्ति के कई साल बाद भी विभाग ‘त्रुटिपूर्ण गणना’ का हवाला देकर पेंशन घटा देता था या रिकवरी नोटिस भेज देता था। नए नियमों में यह भी व्यवस्था की गई है कि यदि किसी पेंशनभोगी को गलती से ज्यादा भुगतान कर दिया गया है और यह उसकी गलती से नहीं हुआ है, तो संबंधित मंत्रालय या विभाग यह तय कर सकेगा कि उस अतिरिक्त राशि को वसूला जाए या माफ कर दिया जाए।
अगर वसूली का निर्णय लिया जाता है तो पेंशनभोगी को रकम लौटाने के लिए दो महीने का नोटिस दिया जाएगा। यदि नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी राशि वापस नहीं की जाती, तो यह रकम भविष्य की पेंशन किस्तों से चरणबद्ध तरीके से काटी जा सकती है।
मंत्रालयों और विभागों को दिए गए सख्त निर्देश
पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने अपने सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे इस आदेश का सही से पालन सुनिश्चित करें। इसके अलावा, पेंशन से संबंधित सभी शाखाओं और कार्यालयों में यह सर्कुलर प्रसारित किया जाए ताकि किसी पेंशनभोगी को अनावश्यक असुविधा न हो।
अंतिम कार्यदिवस पर भी नियम स्पष्ट किए गए
सरकार ने अंतिम कार्यदिवस के नियमों को भी स्पष्ट किया है। जिस दिन कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है, इस्तीफा देता है या उसकी मृत्यु होती है, वही दिन उसकी सेवा का अंतिम और पूरा कार्यदिवस माना जाएगा। इसी आधार पर पेंशन या फैमिली पेंशन की गणना होगी।
इसलिए अहम है सरकार का यह फैसला
कई मामलों में देखा गया था कि सेवानिवृत्ति के सालों बाद भी विभाग ‘अधिक पेंशन दिए जाने की त्रुटि’ बताकर पेंशन घटा देता था या रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर देता था, जिससे बुजुर्ग पेंशनरों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब सरकार के इस नए आदेश के बाद केवल वास्तविक विभागीय गलती पाए जाने पर ही पेंशन संशोधित की जा सकेगी। यह काम भी दो साल की अवधि के भीतर होगा।





