काम की बात: 10.58 करोड़ से अधिक LPG सिलेंडर के ग्राहकों के लिए बड़ी खबर, ₹1500 का झटका

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मुख्य बातें

  • हाल ही में दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर 942 रुपये का हो गया है
  • उज्ज्वला लाभार्थियों को पहले चार रिफिल पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद प्रभावी कीमत 642 रुपये प्रति सिलेंडर पड़ेगी
  • इसके बाद उन्हें बाकी रिफिल मार्केट रेट पर ही खरीदने होंगे
10.58 करोड़ से अधिक LPG सिलेंडर के ग्राहकों के लिए बड़ी खबर, ₹1500 का झटका

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के 10.58 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए एलपीजी सब्सिडी के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने हर साल सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी है। ऐसे में करोड़ों महिलाओं को मिलने वाली सालाना सब्सिडी में करीब 1500 रुपये की कमी आएगी।

कितना घटा सालाना लाभ?

पहले उज्ज्वला लाभार्थियों को 9 रिफिल पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती थी। इससे उन्हें साल भर में 2,700 रुपये का लाभ मिलता था। अब नई व्यवस्था के तहत सिर्फ 4 रिफिल पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी। यानी कुल वार्षिक लाभ घटकर 1,200 रुपये रह जाएगा।

अब कितने में मिलेगा सिलेंडर?

हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर 942 रुपये का हो गया है। उज्ज्वला लाभार्थियों को पहले चार रिफिल पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद प्रभावी कीमत 642 रुपये प्रति सिलेंडर पड़ेगी। इसके बाद उन्हें बाकी रिफिल मार्केट रेट पर ही खरीदने होंगे।

बता दें वर्ष 2016 में शुरू की गई इस योजना के तहत पहले लाभार्थियों को वर्ष में 12 सिलेंडर सब्सिडी पर मिलते थे। हालांकि, पिछले साल सब्सिडी वाले सिलेंडर की संख्या घटाकर नौ कर गई थी, जिसे अब और भी घटाकर चार कर दिया गया है।

किसे मिलेगी सब्सिडी?

सरकार के अनुसार मौजूदा पीएमयूवाई लाभार्थियों को पहले की तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती रहेगी। सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

कौन है पात्र?

उज्ज्वला योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला हो। गरीब या सरकार द्वारा चिन्हित पात्र परिवार से संबंधित हो। इसके अलावा परिवार में पहले से एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए। आधार कार्ड और बैंक खाता जरूरी है।

इसके अलावा एसईसीसी-2011 सूची में शामिल परिवार, अनुसूचित जाति/जनजाति परिवार, अंत्योदय अन्न योजना (AAY) लाभार्थी, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी, वनवासी, चाय बागान श्रमिक, द्वीप क्षेत्रों में रहने वाले परिवार और अन्य पात्र गरीब परिवार भी योजना के दायरे में आते हैं।

किन्हें नहीं मिलेगी सब्सिडी?

अगर आपके पास सामान्य घरेलू एलपीजी कनेक्शन है और वह PMUY के तहत जारी नहीं हुआ है। अगर आपका परिवार पात्र श्रेणी में नहीं आता। आधार, बैंक खाता और एलपीजी कनेक्शन DBT के लिए लिंक नहीं हैं। वित्तीय वर्ष में 4 सब्सिडी वाले रिफिल की सीमा पूरी हो चुकी है।

नया कनेक्शन कैसे लें?

नया उज्ज्वला कनेक्शन लेने के लिए पीएमयूवाई पोर्टल पर जाएं। "Apply for New Ujjwala Connection" विकल्प चुनें। इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस में से किसी एक वितरक का चयन करें। मोबाइल नंबर या ईमेल से रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद ई-केवाईसी और डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें। अप्लाई करते समय जरूरी दस्तावेज की बात करें तो आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाते की डिटेल्स, राशन कार्ड या पात्रता संबंधी दस्तावेज और मोबाइल नंबर जरूर पास रखें।

सब्सिडी वाले सिलेंडर में कटौती करने की क्यों पड़ी जरूरत?

सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय एलपीजी बाजार में कीमतें बढ़ी हैं। इसी वजह से सब्सिडी व्यवस्था में बदलाव किया गया है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सब्सिडी पूरी तरह खत्म नहीं की गई है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खनूजा ने बताया कि संशोधित सीमा उज्ज्वला लाभार्थियों की औसत वार्षिक गैस खपत के करीब है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोलियम कंपनियों को एलपीजी बिक्री पर अब भी प्रति सिलेंडर लगभग 700 रुपये का नुकसान हो रहा है।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

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दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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