
पासपोर्ट आवेदकों की शिकायतों पर बड़ी कार्रवाई, BLS टेंडर से बाहर, शेयर लुढ़के
संक्षेप: कई आरोपों, अदालत के मामलों और पासपोर्ट आवेदकों की कई शिकायतों के चलते विदेश मंत्रालय ने बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज लिमिटेड को बैन कर दिया है। इस कार्रवाई के चलते के बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज के शेयरों में 17% की बड़ी गिरावट दर्ज हुई।
कई आरोपों, अदालत के मामलों और पासपोर्ट आवेदकों की कई शिकायतों के चलते विदेश मंत्रालय ने बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज लिमिटेड को बैन कर दिया है। इस कार्रवाई के चलते के बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज के शेयरों में 17% की बड़ी गिरावट दर्ज हुई। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कंपनी को अगले दो वर्षों तक किसी भी भविष्य के टेंडर में भाग लेने से डिबार कर दिया गया है।

सप्ताहांत में कंपनी ने कहा कि उसे विदेश मंत्रालय से एक आदेश मिला है, जिसमें बताया गया है कि BLS International को भविष्य में मंत्रालय के किसी भी टेंडर में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी। मंत्रालय ने यह आदेश कुछ आरोपों, अदालत के मामलों और पासपोर्ट आवेदकों की कई शिकायतों के आधार पर जारी किया है।
कानूनी लड़ाई की तैयारी में कंपनी
कंपनी ने कहा है कि वह इस आदेश का अध्ययन करेगी और उचित कानूनी उपायों का सहारा लेकर इसका समाधान तलाशेगी। साथ ही, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि विदेश मंत्रालय के साथ जो उसकी मौजूदा सेवाएं और अनुबंध चल रहे हैं, वे इससे प्रभावित नहीं होंगे। इसका मतलब है कि उसके वर्तमान वित्तीय प्रदर्शन पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में कंपनी की कुल आमदनी का लगभग 12 प्रतिशत हिस्सा भारतीय मिशनों से आता है, जबकि 8 प्रतिशत योगदान EBITDA (ब्याज, टैक्स, घटी मूल्य और परिशोधन से पहले की आय) से संबंधित रहा है।
BLS International एक नई दिल्ली स्थित कंपनी है जो सरकारों को बाहरी (आउटसोर्स) सेवाएं प्रदान करती है। यह वीजा, पासपोर्ट और कांसुलर सेवाओं में विशेषज्ञता रखती है और कई देशों की सरकारों व दूतावासों की साझेदार है।
शेयर का क्या है हाल
फिलहाल बाजार में कंपनी के शेयर लगभग ₹280.35 प्रति शेयर के स्तर पर 17% नीचे कारोबार कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत से अब तक कंपनी का शेयर कुल मिलाकर करीब 30 प्रतिशत गिर चुका है।





