मार्केट कैप में अडानी और बजाज से आगे निकला भारती समूह, एयरटेल के शेयर का दबदबा
संक्षेप: भारती समूह के मार्केट कैपिटल में तेजी का मुख्य कारण एयरटेल है। एयरटेल के शेयर की बात करें तो गुरुवार को 0.90% बढ़कर 2092.15 रुपये पर बंद हुआ। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भारती एयरटेल के शेयर का टारगेट प्राइस ₹2500 तय किया है।
अरबपति सुनील मित्तल के स्वामित्व वाली कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैपिटल इस साल अब तक 30% से ज्यादा बढ़कर ₹14.5 लाख करोड़ हो गया है। इस बढ़ोतरी के साथ ही भारती समूह, अडानी और बजाज दोनों समूहों को पीछे छोड़कर भारत का चौथा सबसे बड़ा समूह बन गया है। आपको बता दें कि अडानी समूह और बजाज समूह, दोनों का मार्केट कैपिटल लगभग ₹14.4 लाख करोड़ है।

एयरटेल के शेयर का दबदबा
भारती समूह के मार्केट कैपिटल में तेजी का मुख्य कारण भारती एयरटेल लिमिटेड है। इस कंपनी के शेयरों में इस साल अब तक लगभग 32% की वृद्धि हुई है जिसे मजबूत आय वृद्धि, प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) में वृद्धि और 5G सेवाओं के तेजी से विस्तार का समर्थन प्राप्त है। इस वायरलेस वाहक ने मजबूत परिचालन प्रदर्शन के दम पर सितंबर तिमाही के लिए उम्मीद से बेहतर नतीजे दर्ज किए। भारती समूह की अन्य कंपनियों ने भी इस उछाल में योगदान दिया। इसमें इंडस टावर्स और भारती हेक्साकॉम ने इसी अवधि में क्रमशः 20% और 23% की वृद्धि दर्ज की।
एयरटेल के शेयर का हाल
एयरटेल के शेयर की बात करें तो गुरुवार को 0.90% बढ़कर 2092.15 रुपये पर बंद हुआ। ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भारती एयरटेल के शेयर का टारगेट प्राइस ₹2500 तय किया है। नुवामा ने 12 महीने के टारगेट प्राइस के साथ 'खरीदें' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी एक शानदार स्थिति में है। भारती के पास उद्योग में अग्रणी ARPU और एक मजबूत बैलेंस शीट बनी हुई है, जिसे लगातार ग्राहक जुड़ने और स्वस्थ FCF उत्पादन का समर्थन प्राप्त है।
एयरटेल के तिमाही नतीजे
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारती एयरटेल का नेट प्रॉफिट दोगुना से अधिक होकर 8,651 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले 2024-25 की इसी तिमाही में कंपनी को 4,153.4 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ था। भारती एयरटेल अफ्रीका ने भी तिमाही के दौरान नेट प्रॉफिट में कई गुना वृद्धि दर्ज की और यह 969 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। तिमाही के दौरान उसकी परिचालन आय 25.7 प्रतिशत बढ़कर 52,145 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 41,473.3 करोड़ रुपये थी।





