इस IPO में पैसा लगाने वालों की बल्ले-बल्ले! निवेशकों को सीधे 63% का फायदा, ₹285 का शेयर ₹465 पर हुआ लिस्ट
मुख्य बातें
- बिहारी लाल इंजीनियरिंग (Behari Lal Engineering) के शेयर ने बाजार में धमाकेदार एंट्री की
- ₹285 के IPO प्राइस के मुकाबले NSE पर शेयर ₹465 पर लिस्ट हुआ, यानी 63% प्रीमियम
- IPO को करीब 108 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था
- अब निवेशकों की नजर शेयर की आगे की चाल और कंपनी के प्रदर्शन पर है

बिहारी लाल इंजीनियरिंग (Behari Lal Engineering) के शेयरों ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। पंजाब की आयरन और स्टील मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के शेयर बुधवार 19 अगस्त को NSE पर ₹465 के भाव पर लिस्ट हुए, जबकि IPO का इश्यू प्राइस ₹285 प्रति शेयर था। इस तरह निवेशकों को लिस्टिंग के साथ ही करीब 63% का प्रीमियम मिला। वहीं BSE पर शेयर की शुरुआत ₹458 पर हुई, जो इश्यू प्राइस से करीब 61% अधिक है। कंपनी के IPO को सब्सक्रिप्शन के दौरान भी जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था और यही मजबूत डिमांड अब लिस्टिंग में भी दिखाई दी है।
करीब ₹301.62 करोड़ का IPO
बिहारी लाल इंजीनियरिंग (Behari Lal Engineering) का करीब ₹301.62 करोड़ का IPO 12 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। कंपनी ने IPO के लिए ₹271 से ₹285 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इश्यू को कुल मिलाकर करीब 108 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। उपलब्ध 74.13 लाख शेयरों के मुकाबले करीब 80.38 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं, यानी ऑफर किए गए शेयरों की तुलना में निवेशकों ने कई गुना अधिक शेयर खरीदने में रुचि दिखाई। कैटेगरी के हिसाब से भी QIB (Qualified Institutional Buyers) और NII (Non-Institutional Investors) ने सबसे ज्यादा उत्साह दिखाया। दोनों कैटेगरी करीब 165 गुना सब्सक्राइब हुईं, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा करीब 53.27 गुना सब्सक्राइब हुआ।
IPO में ₹93 करोड़ का फ्रेश इश्यू
कंपनी के IPO में ₹93 करोड़ का फ्रेश इश्यू और करीब 73.2 लाख शेयरों का OFS (Offer for Sale) शामिल था, जिसकी कीमत लगभग ₹208.62 करोड़ थी। IPO खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी करीब ₹90.48 करोड़ जुटाए थे। कुल 9 एंकर निवेशकों को ₹285 प्रति शेयर की कीमत पर 31.74 लाख इक्विटी शेयर आवंटित किए गए थे। इनमें WhiteOak कैपिटल असेट मैनेजमेंट सबसे बड़े एंकर निवेशकों में रहा, जिसने करीब 7.01 लाख शेयर खरीदे। बंधन म्युच्युअल फंड (Bandhan Mutual Fund) को 4.91 लाख शेयर और 360 ONE को करीब 4.56 लाख शेयर आवंटित किए गए। Singularity AMC ने भी करीब 3.5 लाख शेयर खरीदे।
IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कहां?
IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार को और मजबूत करने में करेगी। Behari Lal Engineering ने बताया है कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से करीब ₹63 करोड़ नए उपकरण और मशीनरी खरीदने तथा लगाने पर खर्च किए जाएंगे। इनमें मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाने की योजना भी शामिल है। ये सुविधाएं पंजाब के Salani और Turan गांवों में स्थित हैं। इसके अलावा करीब ₹57 लाख का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। बाकी रकम का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। इससे कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी सुधारने में मदद मिल सकती है।
कंपनी का मुख्य कारोबार
बिहारी लाल इंजीनियरिंग (Behari Lal Engineering) का कारोबार मुख्य रूप से आयरन और स्टील से जुड़े इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्माण पर आधारित है। कंपनी मेटल रोल्स, इंजीनियरिंग कॉस्टिंग, अलॉय स्टील प्रोडक्ट्स, फोर्जिंग इंगॉट्स, फोर्ज्ड शाफ्ट और ब्लॉक्स समेत कई तरह के कस्टमाइज्ड इंजीनियरिंग कंपोनेंट बनाती है। इसके उत्पाद स्टील, आयरन-ओर माइनिंग, पावर, शुगर, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, ऑयल एंड गैस, एनर्जी और हैवी इंजीनियरिंग जैसे कई सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं। इस विविध ग्राहक आधार के कारण कंपनी को अलग-अलग इंडस्ट्री से डिमांड मिलने का फायदा हो सकता है।
63% की शानदार लिस्टिंग
हालांकि, IPO में मिली जबरदस्त डिमांड और 63% की शानदार लिस्टिंग निवेशकों के लिए उत्साहजनक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि शेयर आगे भी इसी स्पीड से बढ़ता रहेगा। लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बाजार की स्थिति, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मुनाफे, ऑर्डर बुक और भविष्य की ग्रोथ पर निर्भर करेगी। खासकर IPO के बाद शुरुआती दिनों में शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसलिए जिन निवेशकों को लिस्टिंग पर अच्छा रिटर्न मिला है, उन्हें आगे का फैसला कंपनी के फंडामेंटल और अपनी जोखिम लेने की क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए। 63% प्रीमियम पर शुरुआत ने बिहारी लाल इंजीनियरिंग (Behari Lal Engineering) को बाजार में मजबूत डेब्यू जरूर दिया है, लेकिन असली परीक्षा अब कंपनी के प्रदर्शन और इस वैल्यूएशन को बनाए रखने की होगी।


