बोनस शेयर देने जा रही कंपनी, 26 दिसंबर अहम दिन, लगा 20% अपर सर्किट, ₹76 पर आया भाव
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसका बोर्ड 26 दिसंबर 2025 को बैठक करेगा, जिसमें बोनस इश्यू की सिफारिश पर विचार किया जाएगा। हालांकि, इस प्रस्ताव को शेयरधारकों और नियामकीय मंजूरी मिलना अभी बाकी है।
Bonus Share: नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) बजेल इंटरनेशनल के शेयर इन दिनों निवेशकों के रडार पर हैं। कंपनी द्वारा बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव की घोषणा के बाद शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बुधवार को बजेल इंटरनेशनल का शेयर ₹64 के पिछले बंद भाव से करीब 20% उछलकर ₹76.80 तक पहुंच गया और अपर सर्किट पर बंद हुआ। करीब ₹24.9 करोड़ के मार्केट कैप वाली इस माइक्रो-कैप कंपनी में लंबे समय से सुस्ती थी—पिछले एक साल में शेयर करीब 18% टूटा, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 ने 10.5% का पॉजिटिव रिटर्न दिया।
कंपनी ने दी जानकारी
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसका बोर्ड 26 दिसंबर 2025 को बैठक करेगा, जिसमें बोनस इश्यू की सिफारिश पर विचार किया जाएगा। हालांकि, इस प्रस्ताव को शेयरधारकों और नियामकीय मंजूरी मिलना अभी बाकी है। बोनस इश्यू आमतौर पर कंपनी की मजबूत रिजर्व स्थिति और मैनेजमेंट के भरोसे का संकेत माना जाता है। इससे शेयरों की संख्या बढ़ती है, लिक्विडिटी सुधरती है और रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ती है। यही वजह है कि इस खबर के आते ही स्टॉक में तेज खरीदारी दिखी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो Q2 FY26 में कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1.14 करोड़ रही, जो Q2 FY25 के ₹83 लाख के मुकाबले 37% ज्यादा है। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी रेवेन्यू में 10% की बढ़त दर्ज हुई। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर तस्वीर थोड़ी कमजोर रही। Q2 FY26 में नेट प्रॉफिट ₹31 लाख रहा, जो सालाना आधार पर 52% की गिरावट है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले 19% की बढ़त जरूर दिखी। यानी रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
क्या करती है कंपनी
नई दिल्ली स्थित बजेल इंटरनेशनल एक NBFC है, जो बिजनेस पर्पस के लिए नॉन-मॉर्टगेज लोन देती है। इसके अलावा कंपनी वर्चुअल CFO सेवाएं, शेयर ट्रेडिंग और निवेश गतिविधियों में भी शामिल है। बजेल का क्लाइंट बेस काफी विविध है—FMCG, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स, शिक्षा संस्थान, सरकारी कर्मचारी, एक्सपोर्टर्स, हेल्थकेयर, फार्मा, मीडिया-एंटरटेनमेंट से लेकर छोटे व्यापारी और दुकानदार तक। बोनस इश्यू की चर्चा से स्टॉक में तेजी जरूर आई है, लेकिन निवेशकों को माइक्रो-कैप NBFC में निवेश करते वक्त जोखिम और फंडामेंटल्स दोनों पर नजर बनाए रखना चाहिए।

लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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