Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Banks move to dot bank dot in domain from dot com why RBI made the change know
SBI समेत सभी बैंकों के बदल गए वेबसाइट के पते, RBI का बड़ा आदेश

SBI समेत सभी बैंकों के बदल गए वेबसाइट के पते, RBI का बड़ा आदेश

संक्षेप: यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्देश पर उठाया गया है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करना और ग्राहकों को असली बैंकिंग वेबसाइटों तक सुरक्षित रूप से पहुंच सुनिश्चित करना है।

Thu, 13 Nov 2025 07:57 PMVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

Bank News: देश के सभी प्रमुख बैंकों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक सहित ने अपनी आधिकारिक वेबसाइटों को पुराने '.com' या '.co.in' डोमेन से बदलकर अब '.bank.in' पर स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्देश पर उठाया गया है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करना और ग्राहकों को असली बैंकिंग वेबसाइटों तक सुरक्षित रूप से पहुंच सुनिश्चित करना है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

क्या है RBI का निर्देश

RBI ने सभी बैंकों को निर्देश दिया था कि वे 31 अक्टूबर 2025 तक अपनी इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल्स को विशेष '.bank.in' डोमेन पर स्थानांतरित कर दें। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य फिशिंग और फर्जी वेबसाइट घोटालों को रोकना है, जहां धोखेबाज असली बैंक वेबसाइटों से मिलते-जुलते लिंक बनाकर ग्राहकों से उनके बैंकिंग विवरण हासिल कर लेते हैं। माइग्रेशन की समयसीमा पूरी होने के बाद अब ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे वेबसाइट का URL ध्यान से जांचें और केवल आधिकारिक '.bank.in' डोमेन वाली साइटों पर ही लॉगिन करें।

क्यों ज्यादा सुरक्षित है '.bank.in' डोमेन

नया '.bank.in' डोमेन केवल उन्हीं संस्थानों को दिया जाता है जो RBI द्वारा अनुमोदित और विनियमित हैं। इसका मतलब है कि कोई भी फर्जी या अनधिकृत संस्था इस डोमेन को रजिस्टर नहीं कर सकती।यह कदम न केवल ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी कम करेगा, बल्कि साइबर सुरक्षा और ग्राहकों के विश्वास को भी बढ़ाएगा।

बैंकिंग धोखाधड़ी मामलों में गिरावट

RBI की मई 2025 में जारी वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों की संख्या घटी है, लेकिन धोखाधड़ी की कुल राशि लगभग तीन गुना बढ़ गई है। ज्यादातर मामले डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन से जुड़े पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, FY25 में कुल 23,953 बैंक फ्रॉड केस दर्ज हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34% कम हैं। हालांकि, इन धोखाधड़ियों की कुल राशि बढ़कर ₹36,014 करोड़ हो गई — जो FY24 की तुलना में लगभग तीन गुना है। RBI ने बताया कि कुल रकम में वृद्धि का कारण 122 पुराने मामलों (₹18,674 करोड़) का पुनर्वर्गीकरण और सुप्रीम कोर्ट के 27 मार्च 2023 के आदेश के तहत पुनः रिपोर्टिंग है।

निजी बनाम सरकारी बैंक

निजी क्षेत्र के बैंकों ने सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किए — 14,233 घटनाएं, जो कुल मामलों का 59.4% हैं। वहीं, सरकारी बैंकों में मामलों की संख्या कम (6,935 केस) रही, लेकिन धोखाधड़ी की रकम अधिक थी- ₹25,667 करोड़, जबकि निजी बैंकों में यह रकम ₹10,088 करोड़ रही।

Varsha Pathak

लेखक के बारे में

Varsha Pathak
वर्षा पाठक बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर करीब 2 साल से हिन्दुस्तान डिजिटल से जुड़ी हुई हैं। मूल रूप से मधुबनी (बिहार) की रहने वाली वर्षा लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें बिजनेस सेक्शन के अलग-अलग जॉनर की खबरों की समझ है। इसमें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी आदि शामिल हैं। करीब 7 साल से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय वर्षा ने यहां से पहले दैनिक भास्कर और नेटवर्क 18 में बतौर कंटेंट राइटर काम किया है। उन्हें रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। करियर की छोटी अवधि में ही वर्षा के काम की ना सिर्फ सराहना हुई है बल्कि सम्मानित भी किया गया है। वर्षा ने जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री ली। और पढ़ें
जानें Hindi News, Business News की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।