Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़bank customers cheques will be cleared within three hours from january 3 with alerts set to be discontinued
बैंक ग्राहकों के चेक 3 जनवरी से 3 घंटे में ही हो जाएंगे क्लियर, अलर्ट बंद करने की तैयारी
संक्षेप: Good News: आरबीआई ने बैंकों को अहम बदलाव करने के लिए कहा है। आरबीआई ने चेक क्लिरेंस के दो चरण निर्धारित किए हैं। पहला चरण लागू हो चुका है, जिसमें सुबह को जमा हुआ चेक शाम तक क्लियर हो रहा है। और क्या-क्या बदलाव हुए हैं, पेश है विशेष संवाददाता की रिपोर्ट…
बैंक ग्राहकों के चेक तीन जनवरी से तीन घंटे में ही क्लियर हो जाएंगे। इसके लिए आरबीआई ने बैंकों को अहम बदलाव करने के लिए कहा है। आरबीआई ने चेक क्लिरेंस के दो चरण निर्धारित किए हैं। पहला चरण लागू हो चुका है, जिसमें सुबह को जमा हुआ चेक शाम तक क्लियर हो रहा है। दूसरा चरण जनवरी से लागू होगा। इसमें चेक लगाने के बाद तीन घंटे में धनराशि उस खाते में जमा होगी, जिसके नाम पर चेक दिया गया है।
अलर्ट बंद करने की तैयारी : बैंकों ने आरबीआई से एसएमएस अलर्ट के नियम बदलने की मंजूरी मांगी है। बैंक चाहते हैं, 100 रुपये से कम के लेनदेन पर एसएमएस अलर्ट भेजना जरूरी न हो।
भुगतान के लिए खाते में पर्याप्त राशि जरूरी
आरबीआई चेक भुगतान की प्रक्रिया को पहले से और तेज बनाने जा रहा है। तीन जनवरी से चेक तीन घंटे में ही क्लियर हो जाएगा। लेकिन चेक देते वक्त खाता धारकों को ध्यान रखना होगा कि उनके खाते में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध हो। पर्याप्त बैलेंस न होने की स्थिति में चेक बाउंस माना जाएगा।
चेक क्लियरेंस का समय घटाने को लेकर आरबीआई ने दो चरण निर्धारित किए हैं। पहला चरण चार अक्तूबर से लागू हो चुका है। जबकि दूसरा चरण तीन जनवरी 2026 से लागू होगा, जिसको लेकर आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वह अगले चरण को लागू करने के लिए पूरी तैयारी रखें।
पहले चरण के तहत चार अक्टूबर से बैंक सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच लगातार चेक स्कैन करके क्लियरिंग हाउस को भेज रहे हैं। इसके बाद क्लिरिंग हाउस द्वारा उस चेक की इमेज (फोटो) को भुगतानकर्ता बैंक के पास भेज रहे हैं। भुगतानकर्ता बैंक को पहले चरण में शाम 7 बजे तक चेक क्लियर करना होता है। यानी मौजूदा समय में सुबह के वक्त दिया गया चेक शाम तक पास हो रहा है।
वहीं, दूसरे चरण में क्लियरेंस की व्यवस्था काफी हद तक बदल जाएगी। चेक लगाने के बाद तीन घंटे में धनराशि उस खाते में जमा होगी, जिसके नाम पर चेक दिया गया है। इस प्रक्रिया में अगर अदा करने वाला बैंक चेक क्लियरेंस को लेकर जवाब नहीं देगा तो ऐसी स्थिति में चेक खुद स्वीकृत मान लिया जाएगा।
बैंकों की बढ़ेगी जिम्मेदारी
आरबीआई के निर्देश पर बैंकों ने दूसरे चरण को लागू करने के लिए तैयार शुरू कर दी है। हर बैंक में जमा किए जाने वाले चेक को स्कैन कर इमेज लेकर क्लियरिंग हाउस भेजने और क्लियरिंग हाउस की तरफ से भुगतान के लिए आने वाले चेक को पास करना का जिम्मा अलग से बैंक स्टॉफ को दिया जाएगा। इसको लेकर बैंकों में दो अधिकारियों की टीम के पास चेक भुगतान का जिम्मा रहेगा। क्योंकि नए प्रक्रिया में जिम्मेदारी बढ़ेगी।
बैंक करें जागरूक
आरबीआई ने चेक क्लियरेंस से जुड़े नियमों को लेकर ग्राहकों को जागरूक करने का काम शुरू किया है। सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के जरिए ग्राहकों को मैसेज भेजे जा रहा है। इसके साथ ही, बैंकों को भी निर्देश दिया गया है कि वह ग्राहकों को चेक क्लियरेंस से जुड़े नए नियमों को लेकर ग्राहकों को अवगत कराए।
खासकर चेक देते वक्त ग्राहक यह सुनिश्चित करें कि उनके खाते में पर्याप्त धनराशि है या नहीं। क्योंकि प्राप्त धनराशि न होने की स्थिति में जुर्माना लगाया जा सकता है।