
बजाज हाउसिंग के शेयर में 9% की गिरावट, प्रमोटर ने बेची हिस्सेदारी
प्रमोटर बजाज फाइनेंस लिमिटेड के पास कंपनी की कुल चुकता पूंजी का 88.70% यानी 739,10,03,845 इक्विटी शेयर हैं। बजाज फाइनेंस ने कहा कि 1 दिसंबर 2025 तक प्रमोटर और प्रमोटर समूह की कुल हिस्सेदारी कंपनी की कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 88.70% है।
बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर का भाव मंगलवार यानी 9% से अधिक गिरकर ₹95.26 प्रति शेयर पर आ गया। यह गिरावट तब देखी गई जब कंपनी के 19.5 करोड़ शेयर (कुल शेयर पूंजी का 2.35%), जिनकी कीमत ₹1,890 करोड़ थी, एक बड़े सौदे (ब्लॉक डील) के जरिए ₹97 प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए।
प्रमोटर की हिस्सेदारी बेचने की योजना
कंपनी ने सोमवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में घोषणा की थी कि इसका प्रमोटर, बजाज फाइनेंस, कंपनी में अपनी 2% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है। कंपनी ने कहा, "हमारे प्रमोटर बजाज फाइनेंस लिमिटेड ने हमें सूचित किया है कि वे कंपनी में सार्वजनिक हिस्सेदारी की न्यूनतम आवश्यकता (एमपीएस) का पालन करवाने के लिए अपने इक्विटी शेयर बेचना चाहते हैं।"
प्रमोटर की वर्तमान हिस्सेदारी
फाइलिंग के अनुसार, प्रमोटर बजाज फाइनेंस लिमिटेड के पास कंपनी की कुल चुकता पूंजी का 88.70% यानी 739,10,03,845 इक्विटी शेयर हैं। बजाज फाइनेंस ने कहा कि 1 दिसंबर 2025 तक प्रमोटर और प्रमोटर समूह की कुल हिस्सेदारी कंपनी की कुल चुकता इक्विटी शेयर पूंजी का 88.70% है।
आईपीओ और शेयर का सफर
बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने पिछले साल ₹70 प्रति शेयर के आईपीओ मूल्य पर शेयर बाजार में शुरुआत की थी। लिस्टिंग के बाद, शेयर जल्द ही लगभग ₹190 के स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन फिर उसमें गिरावट आई। तब से यह शेयर उस शिखर से लगभग 50% नीचे आ गया है।
दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने सितंबर 2025 में समाप्त तिमाही में शुद्ध लाभ (PAT) में 18% की वृद्धि दर्ज की, जो बढ़कर ₹642.96 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹545.60 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।
तिमाही में शुद्ध ब्याज आय (NII) 34% बढ़कर ₹956 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹713 करोड़ थी। हालांकि, शुद्ध ब्याज अंतर (NIM) पिछले साल की इसी तिमाही के 4.1% की तुलना में घटकर क्यू2 एफवाई26 में 10 आधार अंकों (BPS) से सिकुड़कर 4% रह गया।
कंपनी की परिसंपत्ति गुणवत्ता में थोड़ा सुधार देखा गया। सकल एनपीए (गैर-निष्पादित आस्तियां) साल-दर-साल 3 बीपीएस घटकर दूसरी तिमाही में 0.26% हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 0.29% थी। इसी दौरान, शुद्ध एनपीए 0.12% पर स्थिर रहा।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)





