
23 दिसंबर से खुल रहा एक और IPO, प्राइस बैंड ₹186, ग्रे मार्केट में अभी से ही मुनाफे के संकेत
निवेशक इस आईपीओ में 23 दिसंबर से 26 दिसंबर तक बोली लगा सकेंगे। शेयर का प्राइस बैंड ₹177 से ₹186 प्रति शेयर तय किया गया है, जबकि एंकर निवेशकों के लिए इश्यू 22 दिसंबर को खुलेगा।
Bai Kakaji Polymers IPO: कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाली पैकेजिंग के पुर्जे बनाने वाली महाराष्ट्र स्थित बाई काकाजी पॉलीमर्स का आईपीओ कल से निवेश के लिए खुल रहा है। यह सितंबर के बाद से एसएमई सेगमेंट में सबसे बड़ा ऑफर साइज है। कंपनी करीब ₹105.17 करोड़ जुटाने के लिए आईपीओ ला रही है, जो सितंबर के बाद SME सेगमेंट का सबसे बड़ा इश्यू माना जा रहा है। यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा, जिसमें 56.54 लाख नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। निवेशक इस आईपीओ में 23 दिसंबर से 26 दिसंबर तक बोली लगा सकेंगे। शेयर का प्राइस बैंड ₹177 से ₹186 प्रति शेयर तय किया गया है, जबकि एंकर निवेशकों के लिए इश्यू 22 दिसंबर को खुलेगा। ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर ₹8 प्रीमियम पर उपलब्ध हैं।
क्या है डिटेल
कंपनी के मुताबिक, आईपीओ का अलॉटमेंट 29 दिसंबर तक फाइनल कर लिया जाएगा और इसके शेयर 31 दिसंबर से BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे। SME सेगमेंट में हाल के महीनों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है और ऐसे में बाई काकाजी पॉलीमर्स का यह इश्यू बाजार की नजरों में खास बना हुआ है। कंपनी पैकेजिंग इंडस्ट्री से जुड़ी हुई है, जो रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पादों की मांग के साथ लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से कई निवेशक इसे लॉन्ग टर्म के नजरिए से देख रहे हैं।
कर्ज कम करेगी कंपनी
आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कंपनी अपने कर्ज को कम करने में लगाएगी। बाई काकाजी पॉलीमर्स ने बताया है कि वह ₹64 करोड़ का इस्तेमाल आंशिक कर्ज चुकाने में करेगी। सितंबर 2025 तक कंपनी पर कुल कर्ज करीब ₹107.3 करोड़ था। इसके अलावा, ₹9.8 करोड़ नई प्लांट और मशीनरी लगाने पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, ₹12.9 करोड़ से कंपनी सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाएगी, ताकि ऊर्जा लागत कम हो और टिकाऊ उत्पादन को बढ़ावा मिल सके। बची हुई रकम का इस्तेमाल जनरल कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
कंपनी के बारे में
कंपनी का कारोबारी और वित्तीय प्रदर्शन हाल के वर्षों में मजबूत रहा है। महाराष्ट्र के लातूर में स्थित इसके चार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जहां PET प्रीफॉर्म्स, प्लास्टिक कैप्स और क्लोजर्स बनाए जाते हैं। इनका इस्तेमाल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर, सॉफ्ट ड्रिंक्स, जूस और डेयरी प्रोडक्ट्स में होता है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में कंपनी ने ₹162.1 करोड़ का रेवेन्यू और ₹12.81 करोड़ का मुनाफा कमाया है। वहीं, FY25 में कंपनी का प्रॉफिट लगभग दोगुना होकर ₹18.4 करोड़ पहुंच गया था, जबकि रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹325.9 करोड़ हो गया। मजबूत नतीजों के चलते यह आईपीओ निवेशकों के बीच अच्छी दिलचस्पी पैदा कर सकता है।

लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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