20% क्रैश हुआ रामदेव की पतंजलि का शेयर, कंपनी पर नहीं है एक पैसे का कर्ज
मुख्य बातें
- शेयर में बिकवाली का आलम ये रहा कि कीमत में लगभग 20% की गिरावट आई
- यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पतंजलि फूड्स के CEO संजीव अस्थाना ने कंपनी और कारोबार को लेकर निवेशकों को भरोसा दिया है

Patanjali foods share: वैसे तो बुधवार को भारतीय शेयर बाजार गुलजार था लेकिन योगगुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स के शेयर में हाहाकार मचा हुआ था। शेयर में बिकवाली का आलम ये रहा कि कीमत में लगभग 20% की गिरावट आई। इसी के साथ शेयर ₹328 रुपये पर आ गया, जो इसके 52 हफ्ते का नया लो भी है। बता दें कि तीन दिन से पतंजलि फूड्स के शेयर में गिरावट जारी है।
कंपनी पर कर्ज नहीं, ना कोई गड़बड़ी
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब पतंजलि फूड्स के CEO संजीव अस्थाना ने कंपनी और कारोबार को लेकर निवेशकों को भरोसा दिया है। उन्होंने CNBC-TV18 के साथ एक खास बातचीत में कहा कि कंपनी का कारोबार बहुत अच्छा चल रहा है और बैलेंस शीट भी मजबूत बनी हुई है। इसके साथ ही बिजनेस के लक्ष्यों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी रेग्युलेटर ने भी कोई गड़बड़ी या समस्या नहीं पाई है। CEO अस्थाना के अनुसार, पतंजलि फूड्स पर कोई कर्ज नहीं है। उनके मुताबिक कंपनी के पास ₹5000 करोड़ का रिजर्व और सरप्लस है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पतंजलि फूड्स के शेयर की कीमत में आई भारी गिरावट ने डेली चार्ट पर एक बड़े कंसोलिडेशन ब्रेकडाउन की पुष्टि की है। टेक्नीकल प्वाइंट से देखें तो मंदी का रुझान और मजबूत होता दिख रहा है। उनके अनुसार पतंजलि फूड्स के शेयरों के लिए नीचे की तरफ अगला अहम सपोर्ट लेवल ₹330–325 का जोन है। एक्सपर्ट के मुताबिक शॉर्ट टर्म में गिरावट तेजी से ₹310 तक जा सकती है।
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज के AVP - इक्विटी टेक्निकल रिसर्च, क्षितिज गांधी के मुताबिक जब तक पतंजलि फूड्स के शेयर की कीमत ₹400-435 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार नहीं कर लेती तब तक इसका ओवरऑल टेक्निकल सेटअप कमजोर रहने की संभावना है। किसी भी शॉर्ट-टर्म रिकवरी पर लगातार खरीदारी के बजाय नई बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के VP सचिन गुप्ता ने बताया कि चार्ट स्ट्रक्चर में कोई ठोस सुधार तभी दिखेगा जब स्टॉक आने वाले सेशन में एक स्टेबल बेस बना ले और ₹435 के लेवल को लगातार क्लोजिंग के आधार पर फिर से हासिल कर ले। तब तक, बड़ा ट्रेंड साफ तौर पर मंदी वाला बना हुआ है। वे ट्रेडर्स को सलाह देते हैं कि वे आक्रामक तरीके से बॉटम-फिशिंग (गिरावट पर खरीदारी) से बचें।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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