
₹5000 करोड़ जुटाने की तैयारी में दिग्गज बैंक, शेयर पर ब्रोकरेज फिदा, कहा-खरीदो
बैक ने बताया कि वह कारोबार बढ़ाने के लिए नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर के जरिए 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा है। यह बैंक के निदेशक मंडल द्वारा मंजूर 35,000 करोड़ रुपये के फंड जुटाने की योजना का हिस्सा है।
Axis bank share price: निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक ने अपने कारोबार को लेकर एक बड़ी जानकारी दी है। बैक ने बताया कि वह कारोबार बढ़ाने के लिए नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर (एनसीडी) के जरिए 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा है। यह बैंक के निदेशक मंडल द्वारा मंजूर 35,000 करोड़ रुपये के फंड जुटाने की योजना का हिस्सा है। इसे निजी नियोजन के आधार पर डेब्ट सिक्योरिटीज जारी कर जुटाया जाएगा। बैंक ने कहा कि निजी नियोजन के आधार पर 5,000 करोड़ रुपये तक के पूरी तरह से भुगतान वाले, सीनियर, रेटेड, सूचीबद्ध, अनसिक्योर्ड, करयोग्य, लॉन्गटर्म डिबेंचर जारी करके फंड जुटाने का प्रस्ताव है।
शेयर का परफॉर्मेंस
एक्सिस बैंक के शेयर की बात करें तो शुक्रवार को 0.77% गिरकर 1275.35 रुपये पर आ गया। 20 नवंबर 2025 को शेयर की कीमत 1287 रुपये पर थी। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। इस लिहाज से शेयर शुक्रवार को थोड़ा बिकवाली मोड में आ गया। जनवरी 2025 में शेयर 934 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।
शेयर का टारगेट प्राइस
ब्रोकरेज फर्म यूबीएस सिक्योरिटीज ने एक्सिस बैंक के शेयर की रेटिंग 'न्यूट्रल' से 'खरीदें' में अपग्रेड कर दी है। एक्सिस बैंक अपने 12 महीने के टारगेट प्राइस को भी ₹1300 से संशोधित कर ₹1500 कर दिया। यह वर्तमान कीमत से 15% के ग्रोथ को दिखाता है। बता दें कि पिछले छह महीनों में एक्सिस बैंक का शेयर 7%, 3 महीनों में 19% और एक महीने में 5% बढ़ा है। यूबीएस ने कहा कि परिचालन वातावरण अधिक अनुकूल होते जाने के साथ, एक्सिस बैंक ऋण लागत, परिसंपत्ति गुणवत्ता और ऋण वृद्धि में सुधार के रुझान दिखा रहा है। वैश्विक ब्रोकरेज ने यह भी पाया कि एक्सिस बैंक अपने कई समकक्षों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
चालू वित्त वर्ष की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में एक्सिस बैंक का प्रॉफिट 26 प्रतिशत घटकर 5,089.64 करोड़ रुपये रह गया। इससे पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा 6,917.57 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 13,745 करोड़ रुपये रही जो पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में दो प्रतिशत अधिक है।





