1 अगस्त से कार्ड ट्रांजैक्शन पर देना होगा ज्यादा पैसा, विदेश घूमने वालों को बड़ा झटका!
मुख्य बातें
- विदेश में कार्ड से खरीदारी या पेमेंट करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट है
- एक्सिस और कोटक महिंद्रा बैंक ने DCC चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है
- एक्सिस बैंक 28 अगस्त 2026 से कुछ क्रेडिट कार्ड्स पर DCC शुल्क 1.5% से बढ़ाकर 3.5% करेगा, जबकि कोटक 1 अगस्त 2026 से डेबिट कार्ड्स पर 3.5% + GST वसूलेगा

अगर आप विदेश यात्रा करते हैं या इंटरनेशनल वेबसाइट्स पर कार्ड से खरीदारी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने विदेशी कार्ड ट्रांजैक्शन से जुड़े DCC (Dynamic Currency Conversion) चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है, यानी अब विदेश में कुछ तरह के कार्ड पेमेंट करने पर ग्राहकों को पहले से ज्यादा शुल्क देना पड़ सकता है।
एक्सिस बैंक पर कितना चार्ज?
सबसे पहले बात करें एक्सिस बैंक (Axis Bank) की, तो बैंक ने अपने कई क्रेडिट कार्ड्स पर DCC चार्ज 1.5% से बढ़ाकर 3.5% कर दिया है। यह नया नियम 28 अगस्त 2026 से लागू होगा। हालांकि, मैग्नस (Magnus) और मैग्नस फॉर बरगंडी (Magnus for Burgundy) कार्डधारकों के लिए यह शुल्क 2% होगा, जबकि ओलंपस (Olympus) कार्ड पर 1.8% DCC चार्ज लिया जाएगा। वहीं मायजोन (MyZone), सेलेक्ट (Select), प्रिवलेज (Privilege) और निओ (Neo) जैसे लोकप्रिय क्रेडिट कार्ड्स पर सीधे 3.5% शुल्क लागू होगा।
कोटक महिंद्रा बैंक पर कितना चार्ज?
दूसरी ओर कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने अपने डेबिट कार्ड्स पर DCC चार्ज 1% + GST से बढ़ाकर 3.5% + GST कर दिया है। यह बदलाव 1 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। इससे पहले ICICI बैंक भी जून 2026 में अपने सभी डेबिट कार्ड्स पर DCC चार्ज बढ़ाकर 3.5% + GST कर चुका है, यानी अब कई बड़े बैंक लगभग एक जैसी फीस वसूल रहे हैं।
DCC क्या होता है?
अब सवाल यह है कि Dynamic Currency Conversion यानी DCC क्या होता है? जब आप विदेश में किसी दुकान, होटल या वेबसाइट पर कार्ड से भुगतान करते हैं, तो कई बार आपको विकल्प मिलता है कि भुगतान स्थानीय मुद्रा (जैसे डॉलर, यूरो, पाउंड आदि) में करें या भारतीय रुपये (INR) में। अगर आप रुपये में भुगतान का विकल्प चुनते हैं, तो इसे DCC (Dynamic Currency Conversion) कहा जाता है। इस स्थिति में विदेशी व्यापारी या उसका पेमेंट प्रोसेसर मुद्रा का रूपांतरण करता है और बैंक उस पर अतिरिक्त DCC शुल्क भी वसूल सकता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एक्सपर्ट का कहना है कि बैंकों ने यह शुल्क इसलिए बढ़ाया है, ताकि उन्हें विदेशी ट्रांजैक्शन पर मिलने वाली आय बढ़ सके और कार्ड नेटवर्क व क्रॉस-बॉर्डर प्रॉसेसिंग की लागत की भरपाई हो सके। पिछले कुछ वर्षों में विदेश यात्रा, इंटरनेशनल ऑनलाइन शॉपिंग और विदेशी डिजिटल सेवाओं पर भारतीय ग्राहकों का खर्च तेजी से बढ़ा है। ऐसे में बैंक इस बढ़ते कारोबार से अधिक कमाई करना चाहते हैं।
अगर आप विदेश में कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो भुगतान करते समय जहां संभव हो, स्थानीय मुद्रा (Local Currency) में पेमेंट करना अक्सर ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। कई मामलों में DCC चुनने पर विदेशी व्यापारी द्वारा तय किया गया एक्सचेंज रेट और बैंक का अतिरिक्त DCC चार्ज मिलाकर आपकी कुल लागत बढ़ सकती है। इसलिए भुगतान करने से पहले स्क्रीन पर दिख रहे करेंसी विकल्प और शुल्क को ध्यान से जरूर जांच लें। इससे आप अनावश्यक अतिरिक्त खर्च से बच सकते हैं।


