एवांटेल के शेयरों में तेजी, Q1 रिजल्ट के दमदार नतीजों के बाद करीब 10% उछले
मुख्य बातें
- एवांटेल का कंसोलिडेटेड रेवन्यू 51 करोड़ रुपये से बढ़कर 70.42 करोड़ रुपये हो गया, जो सालाना आधार पर 36% की बढ़ोतरी दर्शाता है
- वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट 3.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 5.39 करोड़ रुपये हो गया, जो 67% की सालाना वृद्धि है

एवांटेल के शेयरों में सोमवार को कारोबार के दौरान जबरदस्त उछाल देखने को मिल रही है। कंपनी के जून 2026 तिमाही के शानदार नतीजों के बाद निवेशक शेयरों पर टूट पड़े और शेयर करीब 10 प्रतिशत तक चढ़ गए। कारोबार के दौरान यह 197.77 रुपये के हाई को छू गया।
कैसे रहे Q नतीजे
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, एवांटेल का कंसोलिडेटेड रेवन्यू 51 करोड़ रुपये से बढ़कर 70.42 करोड़ रुपये हो गया, जो सालाना आधार पर 36% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट 3.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 5.39 करोड़ रुपये हो गया, जो 67% की सालाना वृद्धि है।
पिछली तिमाही की तुलना में भी कंपनी ने शानदार ग्रोथ हासिल की है। मार्च 2026 तिमाही के 63.83 करोड़ रुपये के रेवेन्यू की तुलना में जून तिमाही में 10% की तिमाही वृद्धि दर्ज की गई। वहीं नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही के 4.77 करोड़ रुपये से 13% बढ़ा है।
कंपनी की मुख्य सेगमेंट ने दी ताकत
एवांटेल के प्रमुख टेलीकॉम एंड सिग्नल प्रोसेसिंग प्रोडक्ट्स सेगमेंट ने इस तिमाही में मुख्य विकास इंजन का काम किया। इस सेगमेंट से रेवेन्यू बढ़कर 70.24 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 51.88 करोड़ रुपये था। यह सेगमेंट कंपनी के कुल राजस्व में सबसे बड़ा योगदान देने वाला बना हुआ है। मार्च 2026 तिमाही के 64.15 करोड़ रुपये की तुलना में भी इसमें सुधार हुआ है, जो इसके प्रमुख उत्पाद पोर्टफोलियो की लगातार बढ़ती मांग को दर्शाता है।
हेल्थकेयर सेगमेंट भी बढ़ा
वहीं कंपनी का हेल्थकेयर सेगमेंट इस तिमाही में 30 लाख रुपये का राजस्व लेकर आया। पिछले साल जून में यह सेगमेंट सिर्फ 8 लाख रुपये कमा पाया था, हालांकि मार्च 2026 की 78 लाख रुपये की तुलना में इसमें कमी आई है। यह सेगमेंट समग्र योगदान में छोटा जरूर है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इसमें सुधार जरूर दिखा है।
शेयर का तकनीकी संकेत
एवांटेल का मार्केट कैपिटलाइजेशन फिलहाल करीब 4,788 करोड़ रुपये है। कंपनी का 52-सप्ताह का उच्च स्तर 215 रुपये है और मौजूदा कीमत इसके काफी करीब है, जो तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों की लगातार दिलचस्पी को दर्शाता है।
टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर का 14-दिन का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 57.4 पर है, जो बैलेंस्ड मोमेंटम को इंगित करता है। आरएसआई 30 से नीचे आमतौर पर ओवरसोल्ड स्थिति और 70 से ऊपर ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है। शेयर सभी आठ प्रमुख सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) से ऊपर कारोबार कर रहा है, जो पॉजिटिव टेक्निकल ट्रेंड का संकेत देता है।
शेयर होल्डिंग पैटर्न
शेयर होल्डिंग पैटर्न की बात करें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने जून 2026 तिमाही में एवांटेल में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। एफआईआई की हिस्सेदारी 0.55% से बढ़कर 1.54% हो गई है। वहीं प्रमोटरों की हिस्सेदारी इस दौरान 37.04% पर स्थिर बनी हुई है, जो कंपनी की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं में प्रमोटरों के भरोसे को दर्शाता है।
(नोट: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। कृपया कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


