आज 31 अगस्त है ITR फाइल करने की लास्ट डेट, चूके तो...
मुख्य बातें
- ITR Filing 2026: कुछ लोगों को ITR आज रात 12 बजे से पहले तक फाइल करना होगा
- अगर आप ITR-3 या ITR-4 फॉर्म भर रहे हैं, तो ध्यान रखें कि रिटर्न जमा करने के साथ-साथ उसे वेरिफाई भी करना है
- आइए जानें कौन हैं वो लोग जिनके लिए लास्ट डेट आज है?

अगर आप बिजनेस या प्रोफेशन जैसे डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, फ्रीलांसर हैं और आपके खातों की ऑडिट नहीं होती, तो आपको अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) आज रात 12 बजे से पहले तक जमा करना होगा। अगर आप ITR-3 या ITR-4 फॉर्म भर रहे हैं, तो ध्यान रखें कि रिटर्न जमा करने के साथ-साथ उसे वेरिफाई भी करना है, वरना देरी का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अगर 31 अगस्त की डेडलाइन छूट जाए तो क्या होगा?
गोरखपुर के चार्टर्ड अकाउंटेंट संतोष मिश्रा के मुताबिक, अगर आप 31 अगस्त की लास्ट डेट से चूक जाते हैं, तो भी आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। यह इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(4) के तहत मुमकिन है। लेकिन देरी से फाइल करने पर आपको अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा और कुछ टैक्स छूट भी गंवानी पड़ सकती हैं, जो समय पर फाइल करने पर मिलतीं।
देरी से होने वाले नुकसान
1. लेट फीस (धारा 234F) – अगर आपकी कुल आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो 5,000 रुपये तक का जुर्माना, और अगर 5 लाख से कम है तो 1,000 रुपये का जुर्माना।
2. ब्याज (धारा 234A): बकाया टैक्स पर 1% प्रति महीना ब्याज देना होगा।
3. सबसे बड़ा नुकसान: आप बिजनेस या कैपिटल लॉस को आगे के सालों में कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे।
फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स ITR भरते समय ये गलतियां न करें
सीए अभिनंदन पांडेय के मुताबिक ITR-1 और ITR-2 उन लोगों के लिए नहीं हैं जिनकी बिजनेस या प्रोफेशनल आय है। फ्रीलांस या प्रोफेशनल आय "व्यापार या पेशे से लाभ" के दायरे में आती है। आमतौर पर ITR-3 भरना होता है। ITR-4 सिर्फ तभी भर सकते हैं, जब आप अनुमानित प्रेजम्प्टिव टैक्सेशन की स्कीम (धारा 44AD या 44ADA) के तहत आते हों।
सीए अजय बगड़िया के मुताबिक धारा 44ADA सिर्फ तय पेशों (जैसे कानून, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, लेखाकर्म, तकनीकी सलाह, इंटीरियर डिजाइन) पर लागू होती है। इसके तहत सालाना कमाई 50 लाख (या 75 लाख अगर कैश रसीद 5% से कम हो) तक होनी चाहिए, और माना जाता है कि 50% कमाई ही आपकी करयोग्य आय है।
धारा 44AD छोटे बिजनेस, डिजाइनर, क्रिएटर (जो ऊपर की लिस्ट में नहीं) पर लागू होती है। इसका टर्नओवर सीमा 2 करोड़ (या 3 करोड़ अगर कैश रसीद 5% से कम) है, और इसमें 6-8% का अनुमानित मुनाफा माना जाता है।
क्रिएटर्स अक्सर सोचते हैं कि वे 44ADA में आते हैं, लेकिन यह पेशे की प्रकृति पर निर्भर करता है, न कि सिर्फ "फ्रीलांसर" कहलाने पर। कमीशन, ब्रोकरेज या एजेंसी का काम 44AD में भी नहीं आता। सही क्लासिफिकेशन से ही आपका फॉर्म, टर्नओवर लिमिट और मुनाफे की दर तय होगी।
7 करोड़ से ज्यादा ITR फाइल
इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट ने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट करके बताया कि साल 2026-27 के लिए अब तक 7 करोड़ से ज्यादा ITR दाखिल हो चुके हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 31 अगस्त 2026 बिजनेस/प्रोफेशनल आय वाले जिनकी ऑडिट नहीं होती, ऐसे लोगों के लिए आखिरी तारीख है।


