छोटे रूट पर खत्म होगा हवाई सफर? रेल मंत्री का दावा- बुलेट ट्रेन से होंगी 99% यात्राएं, एयरलाइंस निवेशकों को लगेगा झटका!
मुख्य बातें
- एयरलाइंस निवेशकों को झटका देने वाली खबर सामने आई है
- भविष्य में छोटे रूट पर हवाई सफर खत्म हो सकता है
- जी हां, क्योंकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बड़ा दावा किया है, जिसके मुताबिक देश के अंदर 99% यात्राएं बुलेट ट्रेन से होंगी
- आइए इसको विस्तार से समझते हैं

भारत में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि आने वाले सालों में भारत की हाई-स्पीड रेल कई छोटे एयर रूट्स पर हवाई यात्रा को लगभग खत्म कर सकती है। CII बिजनेस समिट में बोलते हुए रेल मंत्री ने एयरलाइन निवेशकों को चेतावनी देते हुए कहा कि मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु और बेंगलुरु-चेन्नई जैसे रूट्स पर लोग फ्लाइट की जगह बुलेट ट्रेन को ज्यादा पसंद करेंगे। उनका कहना था कि जिस तरह जापान, चीन और दक्षिण कोरिया में हाई-स्पीड रेल ने घरेलू उड़ानों का बाजार बदल दिया, उसी तरह भारत में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
रेलवे के कब्जे में होगी 99% यात्रा
रेल मंत्री के मुताबिक, मुंबई से पुणे की दूरी बुलेट ट्रेन से सिर्फ 48 मिनट में पूरी हो सकेगी। वहीं, पुणे से हैदराबाद की यात्रा 1 घंटा 55 मिनट, हैदराबाद से बेंगलुरु 2 घंटे 8 मिनट और बेंगलुरु से चेन्नई केवल 78 मिनट में पूरी होगी। इतनी कम यात्रा अवधि के बाद लोग एयरपोर्ट की लंबी चेकिंग, ट्रैफिक और देरी से बचने के लिए ट्रेन को ज्यादा सुविधाजनक मानेंगे। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन रूट्स पर भविष्य में 99% यात्रा रेलवे के कब्जे में होगी।
16 लाख करोड़ की योजना
उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर लगभग 16 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा भारतीय कंपनियों और सप्लायर्स को मिलेगा, जिससे देश में रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी बड़ा फायदा होगा। मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही नए कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू करने जा रही है और प्रोजेक्ट को पहले से तेज गति से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ईंधन की खपत और प्रदूषण में कमी
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क सफल होता है, तो यह ट्रांसपोर्ट सेक्टर की तस्वीर बदल सकता है। इससे न केवल यात्रा तेज और आरामदायक होगी, बल्कि सड़क और हवाई यातायात का दबाव भी कम होगा। साथ ही ईंधन की खपत और प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, एयरलाइन कंपनियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन सकती है, क्योंकि छोटे रूट्स पर उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। अब देश की नजर इस बात पर है कि भारत का बुलेट ट्रेन सपना कितनी तेजी से हकीकत बनता है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
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हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
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उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
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