
जूझ रहे हैं भारतीय चैनल, करीब 50 ने सरेंडर किया लाइसेंस, OTT की तरफ जा रहे दर्शक
बीते तीन साल के दौरान 50 टेलीविजन चैनल्स ने अपने लाइसेंस को सरेंडर किया है। इकनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय दर्शकों का डिजिटल की तरफ बढ़ता रुझान की वजह से इस तरह का फैसला लिया जा रहा है।
बीते तीन साल के दौरान 50 टेलीविजन चैनल्स ने अपने लाइसेंस को सरेंडर किया है। इकनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय दर्शकों का डिजिटल की तरफ बढ़ता रुझान की वजह से इस तरह का फैसला लिया जा रहा है। दर्शकों के माध्यम बदलने से रेवन्यू पर भी असर पड़ा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार जियो स्टार, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज, टीवी टुडे नेवर्क, एनडीटीवी और एबीपी न्यूज उन ब्रॉकस्टर्स में से एक हैं जिन्होंने अपने लाइसेंस को सरेंडर किया है। Eenadu Television ब्यूरो ने करीब 50 चैनल के लाइसेंस को सरेंडर कर दिया है।
बदल रही है बाजार की दिशा
लाइसेंस सरेंडर करने की वजह वित्तीय स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ना है। भारत का भुगतान आधारित टीवी चैनल इस समय गहरे दबाव में हैं। इसके पीछे की वजह दर्शकों का ओटीटी प्लेटफॉर्म की तरफ बढ़ना माना जा रहा है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगो डीडी फ्री डिश की तरफ भी मुड़ रहे हैं। वित्त वर्ष 2019 में 72 मिलियन लोग भुगतान आधारित डीटीएच की सेवाएं ले रहे थे। जोकि वित्त वर्ष 2024 में घटकर 62 मिलियन रह गया है।
रेवन्यू में गिरावट
WPP ने कहा कि टेलीविजन के रेवन्यू नें 2025 में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई। इस दौरान टीवी का रेवन्यू 477.40 बिलियन रुपये रहा है। जबकि मार्केट को प्रोजेक्शन 2025 के लिए 1.8 ट्रिलियन रुपये रहा था।
किसने कौन से चैनल को किया सरेंडर?
जियो स्टार ने कलर्स उड़िया, एमटीवी बीट्स, वीएच1 और कॉमेडी सेंट्रल के लाइसेंस को सरेंडर कर दिया है। जी एंटरटेनमेंट ने जी सी को और एंटर10 को लोकप्रिय दंगल का संचालन करती है एक बयान में कहा कि बिजनेस कारणों की वजह से अतिरिक्त चैनल के प्लान को रद्द कर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार एंटर10 ने दंगल एचडी, दंगल उड़िया के प्लान को छोड़ दिया है। एबीपी नेटवर्क ने एबीपी न्यूज एचडी का लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। एनडीटीवी ने एनडीटीवी गुजराती के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है।





