15 महीने में Apple ने पलटी बाजी! मिला दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी का तमगा

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

मुख्य बातें

  • Apple की वैल्यूएशन $4.88 ट्रिलियन रही जबकि Nvidia की वैल्यूएशन 3.5% की गिरावट के बाद लगभग $4.86 ट्रिलियन रही
  • इस वजह से Apple एक बार फिर से वैल्यूएशन के मामले में शीर्ष पर पहुंच गई
15 महीने में Apple ने पलटी बाजी! मिला दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी का तमगा

आईफोन बनाने वाली कंपनी Apple ने करीब 15 महीने बाद एक बार फिर सबसे दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का तमगा हासिल किया है। दरअसल, Apple ने वैल्यूएशन में Nvidia को पीछे छोड़ दिया है। Apple की वैल्यूएशन $4.88 ट्रिलियन रही जबकि Nvidia की वैल्यूएशन 3.5% की गिरावट के बाद लगभग $4.86 ट्रिलियन रही। इसका असर टेक कंपनियों की रैंकिंग पर पड़ा और Apple एक बार फिर से शीर्ष पर पहुंच गई। बता दें कि आईफोन निर्माता कंपनी पिछले साल अप्रैल के बाद पहली बार टॉप पर वापस आई है। यह सफलता इसलिए भी अहम है क्योंकि Apple के सीईओ टिम कुक का कार्यकाल खत्म होने वाला है। कुक सितंबर महीने में अपना पद हार्डवेयर के अनुभवी जॉन टर्नस को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की सोच अब बदल रही है। यही वजह है कि पहले AI सेक्टर में Nvidia को सबसे बड़ा लाभार्थी माना जा रहा था लेकिन अब निवेशकों का भरोसा Apple की मजबूत कमाई, विशाल इकोसिस्टम और सर्विस बिजनेस पर बढ़ा है।

BRI वेल्थ मैनेजमेंट में इन्वेस्टमेंट हेड टोनी मीडोज के मुताबिक Apple मॉडल बनाने पर खर्च नहीं कर रही थी इसलिए उसे पिछड़ा माना जा रहा था लेकिन अब लोगों की सोच बदल गई है। Apple पर कैपिटल एक्सपेंडिचर का दबाव कम है और यह सर्विसेज, इकोसिस्टम लॉक-इन और हार्डवेयर अपग्रेड के जरिए AI से कमाई करने की बेहतर स्थिति में है। यह री-रेटिंग AI से होने वाले काल्पनिक फायदे के बजाय कंपनी की कमाई की स्थिरता में भरोसे को दिखाती है।

Apple के प्रयास

पिछले महीने, Apple ने सिरी (Siri) में लंबे समय से अटके बदलावों को लागू किया। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि अपग्रेड किया गया असिस्टेंट AI की अहम दौड़ में बड़ी टेक कंपनियों और नए जमाने के स्टार्टअप्स के साथ अंतर को कम करने में मदद करेगा। कुछ एनालिस्ट का कहना है कि Apple के पास हर iPhone में मौजूद पर्सनल डेटा के रूप में AI का खजाना है। यह डेटा सिरी के जवाबों को ज्यादा उपयोगी और असिस्टेंट को अधिक सक्षम बना सकता है। चुनौती यह है कि ऐसा डेटा प्राइवेसी के नाम पर ऑपरेटिंग सिस्टम में लॉक रहता है और कंपनी को इसकी वैल्यू को अनलॉक करने का तरीका खोजना होगा।

हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि शेयर बाजार का रुख बदलने पर एक बार फिर से Nvidia की रैंकिंग सुधर सकती है। दरअसल, कंपनी अब भी AI इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे बड़ी लाभार्थी है और उसके ग्राफिक्स प्रोसेसर (GPU) दुनिया भर के अधिकांश जनरेटिव AI मॉडल चला रहे हैं।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar

हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

और पढ़ें
बिजनेस न्यूज, आज के पेट्रोल और डीजल के दाम, शेयर बाजार की ताज़ा खबरें, आईटीआर न्यूज से जुड़ी जरूरी जानकारी पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।