अडानी ग्रुप पर एक और विवाद, सेबी का नया नोटिस, NDTV से जुड़ा है मामला
Adani Group: सेबी ने आरोप लगाया है कि अडानी ग्रुप के निदेशक प्रणव अडानी ने NDTV (न्यू दिल्ली टेलीविजन) के शेयरों के अधिग्रहण के ओपन ऑफर से जुड़ी गुप्त और प्राइस सेंसिसिटव इंफार्मेशन अपने साले कुणाल व नृपल शाह और ससुर धनपाल शाह के साथ साझा की, जो अंदरूनी सूचना के दुरुपयोग के मानदंडों का उल्लंघन है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने आरोप लगाया है कि अडानी ग्रुप के निदेशक प्रणव अडानी ने NDTV (न्यू दिल्ली टेलीविजन) के शेयरों के अधिग्रहण के ओपन ऑफर से जुड़ी गुप्त और प्राइस सेंसिसिटव इंफार्मेशन अपने साले कुणाल व नृपल शाह और ससुर धनपाल शाह के साथ साझा की, जो अंदरूनी सूचना के दुरुपयोग के मानदंडों का उल्लंघन है। यह जानकारी ईटी द्वारा देखे गए एक दस्तावेज में सामने आई है। यह आरोप अगस्त 2022 का है, जब अडानी ग्रुप ने इस ब्राडकॉस्ट कंपनी का अधिग्रहण किया था।
दस्तावेज के अनुसार, सेबी ने प्रणव अडानी, उनके साले कुणाल व नृपल शाह और ससुर धनपाल शाह को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
15 अक्टूबर, 2025 को जारी इस नोटिस में सेबी ने आरोप लगाया है कि अप्रकाशित मूल्य संवेदी सूचना (UPSI) की अवधि के दौरान कुणाल, नृपल और धनपाल शाह व प्रणव अडानी के बीच कई टेलीफोनिक वार्तालाप हुए, जो इन व्यक्तियों के बीच लगातार संपर्क को दर्शाता है।
इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक, सेबी, अडानी ग्रुप, कुणाल, नृपल और धनपाल शाह को भेजे गए ईटी के ईमेल सवालों का कोई जवाब नहीं मिला।
पिछले मामले को सेबी ने किया था खारिज
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही सेबी ने अडानी ग्रीन एनर्जी द्वारा सॉफ्टबैंक समर्थित एसबी एनर्जी होल्डिंग्स के अधिग्रहण की जानकारी साझा करने के एक अन्य मामले में, सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए प्रणव अडानी और उनके सालों नृपल व कुणाल शाह के खिलाफ चल रहा अंदरूनी सूचना के दुरुपयोग का मामला खारिज कर दिया था।
NDTV डील की समय-सीमा और सेबी की जांच
23 अगस्त, 2022 को, ओपन ऑफर के प्रबंधक जेएम फाइनेंसियल ने बाजार बंद होने के बाद स्टॉक एक्सचेंजों को NDTV के लिए ओपन ऑफर से जुड़ी सार्वजनिक घोषणा की सूचना दी। घोषणा में कहा गया था कि विश्वप्रधान कमर्शियल, एएमजी मीडिया नेटवर्क्स और अडानी एंटरप्राइजेज मिलकर सार्वजनिक शेयरधारकों से NDTV की शेयर कैपिटल का 26% तक अधिग्रहण करेंगे। इस ओपन ऑफर में 16.76 मिलियन शेयर 294 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से खरीदे जाने थे, जिसका कुल मूल्य 492.81 करोड़ रुपये था।
नियामक सेबी का कहना है कि यह घोषणा एक बाजार दिवस की व्यापारिक गतिविधियों के बाद की गई थी, इसलिए इसे एक्सचेंजों के माध्यम से प्रसारित होने तक 'अप्रकाशित मूल्य संवेदी सूचना' माना जाता है। जब 24 अगस्त, 2022 को व्यापार फिर शुरू हुआ, तो NDTV के शेयरों में उछाल आया। ये शेयर पिछले बंद भाव से लगभग 2.5% ऊपर खुले और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर दिन के अंत में लगभग 5% की बढ़त के साथ बंद हुए।
सेबी ने अपने नोटिस में कहा कि "23 अगस्त, 2022 की कॉर्पोरेट घोषणा अप्रकाशित मूल्य संवेदी सूचना थी।" सेबी ने यह भी कहा कि इस जानकारी ने सार्वजनिक होने पर NDTV के शेयर के मूल्य को प्रभावित किया।
इसके बाद, नियामक ने यह जांच शुरू की कि क्या कुछ संस्थाओं ने मूल्य संवेदी जानकारी के कब्जे में रहते हुए NDTV के शेयरों में व्यापार किया। जांच की अवधि 2 मई, 2022 से 15 सितंबर, 2022 तक रखी गई, जिसमें अप्रकाशित मूल्य संवेदी सूचना से पहले, उसके दौरान और घोषणा के बाद का चरण शामिल था।
सेबी का आरोप है कि कुणाल शाह ने अप्रकाशित मूल्य संवेदी सूचना की अवधि के दौरान कई मौकों पर NDTV के शेयर खरीदे, जिसमें घोषणा से ठीक पहले के दिनों और हफ्तों में की गई खरीदारी भी शामिल है।

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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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