
रिलायंस समूह ने 2 कंपनी के शेयरों पर लिया बड़ा फैसला, किसे फायदा, समझें
संक्षेप: रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर ने कर्मचारी शेयर विकल्प योजना की घोषणा की। यह पहली बार है जब समूह ने ऐसी घोषणा की है। रिलायंस समूह ने कहा कि इस पहल में दोनों कंपनियों के 2,500 कर्मचारी शामिल होंगे।
अनिल अंबानी के रिलायंस समूह ने अपनी दो कंपनियां- रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर ने कर्मचारी शेयर विकल्प (ESOPs) योजना की घोषणा की। यह पहली बार है जब समूह ने ऐसी घोषणा की है। रिलायंस समूह ने कहा कि इस पहल में दोनों कंपनियों के 2,500 कर्मचारी शामिल होंगे। रिलायंस समूह ने कहा कि यह पहल समूह के इस दृढ़ विश्वास को दर्शाती है कि उसके कर्मचारी उसकी सबसे बड़ी संपत्ति और विकास, बदलाव और सतत मूल्य सृजन की यात्रा में भरोसेमंद भागीदार हैं। बता दें कि रिलायंस समूह को कर्मचारी शेयर विकल्प प्रदान करने के लिए तीन नवंबर, 2024 को शेयरधारकों की मंजूरी मिली थी। अधिकांश कर्मचारी 10 रुपये प्रति शेयर के अंकित मूल्य पर अपने विकल्पों का प्रयोग करने के हकदार होंगे।

ESOP का मतलब?
कर्मचारी शेयर विकल्प एक ऐसी योजना है जो कर्मचारियों को निश्चित अवधि के बाद, पहले से तय किए गए मूल्य पर कंपनी के शेयर खरीदने का अधिकार देती है। यह सीधे शेयर देने के बजाय अपने कर्मचारियों को दिए जाने वाला इक्विटी अवार्ड है। यह कर्मचारियों को कंपनी की सफलता से जोड़ने, उनकी वफादारी बढ़ाने और प्रेरणा देने का एक तरीका है।
10 रुपये शेयर के अंकित मूल्य पर हकदार
रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर के पास 50 लाख से अधिक शेयरधारकों का संयुक्त निवेशक आधार है। रिलायंस समूह में 28,000 से ज्यादा लोग कार्यरत हैं और यह लाखों ग्राहकों/उपभोक्ताओं को सर्विसेज प्रोवाइड करता है। इसकी कुल संपत्ति 1,07,123 करोड़ रुपये और नेटवर्थ 40,856 करोड़ रुपये है।
रिलायंस इन्फ्रा के शेयर का हाल
गुरुवार को बाजार में सुस्ती के बीच रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयर रॉकेट की तरह बढ़े। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन यह शेयर 3.56% बढ़कर 184.75 रुपये पर है। जून में यह शेयर 425 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। रिलायंस पावर के शेयर की बात करें तो यह 1.01% गिरकर 41.29 रुपये पर है। जून 2025 में यह शेयर 76.49 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है।





