
हमारी छवि खराब करने के लिए चला रहे अभियान… अनिल अंबानी ने क्यों कही यह बात
कोबरापोस्ट पोर्टल ने गुरुवार को प्रस्तावित अपने संवाददाता सम्मेलन के लिए भेजे गए निमंत्रण में आरोप लगाया गया है कि एक कॉरपोरेट समूह ने लगभग 28,874 करोड़ रुपये की धनराशि धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से दूसरी जगह भेजी।
Anil Ambani Statement: अनिल अंबानी की अगुवाई वाले रिलायंस ग्रुप ने बुधवार को कहा कि कुछ कॉरपोरेट प्रतिद्वंद्वी उसकी छवि खराब करने के लिए उसके खिलाफ ‘झूठ और दुष्प्रचार’ फैलाने का अभियान चला रहे हैं। समूह ने यह प्रतिक्रिया ऑनलाइन पोर्टल ‘कोबरापोस्ट’ के प्रस्तावित संवाददाता सम्मेलन से पहले दी है, जिसमें एक कॉरपोरेट समूह के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं का ‘खुलासा’ किए जाने की बात कही गई है।

क्या है डिटेल
समूह की कंपनियों- रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर ने शेयर बाजारों को भेजे बयान में कहा कि कोबरापोस्ट का कथित खुलासा ‘सार्वजनिक रूप से पहले से उपलब्ध सूचनाओं का महज दोहराव है और उन्हें तोड़-मरोड़कर एवं संदर्भ से अलग पेश किया जा रहा है।’ रिलायंस ग्रुप ने कहा, ‘यह जानकारी पहले से ही सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और इसकी जांच सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सेबी एवं अन्य सक्षम एजेंसियां कर चुकी हैं।’
क्या है आरोप
कोबरापोस्ट पोर्टल ने गुरुवार को प्रस्तावित अपने संवाददाता सम्मेलन के लिए भेजे गए निमंत्रण में आरोप लगाया गया है कि एक कॉरपोरेट समूह ने लगभग 28,874 करोड़ रुपये की धनराशि धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से दूसरी जगह भेजी। रिलायंस ग्रुप ने कहा कि उसे इस संवाददाता सम्मेलन को लेकर मीडिया से कुछ सवाल प्राप्त हुए हैं। अनिल अंबानी की अगुवाई वाले समूह ने कहा, ‘हमारे संज्ञान में आया है कि कुछ कॉरपोरेट प्रतिद्वंद्वी, नामित व्यक्तियों और संबंधित संस्थाओं के माध्यम से, हमारे खिलाफ निरंतर दुष्प्रचार, गलत सूचना और चरित्र हनन का अभियान चला रहे हैं।’ बयान में आरोप लगाया गया कि यह ‘दुर्भावनापूर्ण अभियान’ समूह के शेयरों के मूल्य गिराने और शेयर बाजार में घबराहट फैलाकर उसकी परिसंपत्तियों को सस्ते दामों पर हथियाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। रिलायंस ग्रुप ने कहा कि यह कदम ‘रियायतें और अन्य लाभ हासिल करने के लिए ब्लैकमेलिंग की एक हताश कोशिश’ लगता है। हालांकि, समूह ने इस अभियान में शामिल प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के नाम नहीं बताए, लेकिन कहा कि जिन परिसंपत्तियों पर निगाह रखी जा रही है, उनमें दिल्ली की बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस लिमिटेड, मुंबई मेट्रो परियोजना और 1,200 मेगावाट की रोजा पावर परियोजना शामिल हैं।





