Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Anil ambani Reliance Communications Ltd share huge down from 800 to 1 rupees
₹800 से टूटकर ₹1 पर आ गया यह शेयर, संकट में कंपनी, लगातार शेयर बेचने की होड़

₹800 से टूटकर ₹1 पर आ गया यह शेयर, संकट में कंपनी, लगातार शेयर बेचने की होड़

संक्षेप:

बैंक ने प्रस्तावित किया है कि कंपनी के कुछ लोन अकाउंट्स को 'फ्रॉड' के रूप में वर्गीकृत किया जाए और इसकी सूचना RBI को दी जाए। कंपनी और इसके ग्रुप कंपनियों ने विभिन्न बैंकों से कुल ₹31,580 करोड़ लिए हैं, जिनमें से लगभग ₹13,667 करोड़ (44%) का उपयोग ऋण और अन्य वित्तीय संस्थाओं को चुकाने में किया गया।  

Thu, 11 Sep 2025 12:54 PMVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
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Reliance Communications Ltd: भारतीय टेलीकॉम उद्योग की अग्रणी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (Rcom) को गुरुवार को बड़ी वित्तीय चुनौती का सामना करना पड़ा। कंपनी के शेयर में आज गुरुवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। यह शेयर आज 2.2% गिरकर ₹1.33 पर आ गए। गिरावट का कारण कंपनी को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से प्राप्त शो-कॉज नोटिस है। दरअसल, बैंक ने प्रस्तावित किया है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस के कुछ लोन अकाउंट्स को 'फ्रॉड' के रूप में वर्गीकृत किया जाए और इसकी सूचना RBI को दी जाए। बता दें कि लंबी अवधि में यह शेयर 99 पर्सेंट तक टूट चुका है। जनवरी 2008 में इस शेयर की कीमत 800 रुपये तक पहुंच गई थी। बता दें कि कंपनी के शेयर में बीते कई दिनों से लगातार गिरावट देखी जा रही है।

क्या है डिटेल

बता दें कि भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस को हाल ही में वित्तीय और नियामक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में बताया कि उसे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से शो-कॉज नोटिस प्राप्त हुआ, जिसमें कुछ लोन अकाउंट्स को 'फ्रॉड' के रूप में वर्गीकृत करने और इसकी जानकारी RBI को देने का प्रस्ताव रखा गया है। यह नोटिस 2 सितंबर 2025 को जारी किया गया था और कंपनी को 9 सितंबर 2025 को प्राप्त हुआ। बैंक के अनुसार यह कदम कुल ₹400 करोड़ के उधार खातों से संबंधित है, जिसमें ₹280 करोड़ का टर्म लोन, ₹20 करोड़ का को-ऑब्लिगोर टर्म लोन (रिलायंस टेलीकॉम के लिए) और ₹100 करोड़ का परफॉर्मेंस बैंक गारंटी शामिल हैं। सेंट्रल बैंक ने बताया कि जून 2017 में यह खाता गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) के रूप में वर्गीकृत किया गया था, क्योंकि रिलायंस कम्यूनिकेशन ने अपनी रिपेमेंट ऑब्लिगेशन पूरी नहीं की थी। इसके बाद बैंक ने बीडीओ इंडिया एलएलपी से फॉरेंसिक ऑडिट करवाया, जिसका रिपोर्ट अक्टूबर 2020 में प्रस्तुत किया गया।

कंपनी पर कितना है कर्ज

बैंक के विश्लेषण के अनुसार, रिलायंस कम्युनिकेशंस और इसके ग्रुप कंपनियों ने विभिन्न बैंकों से कुल ₹31,580 करोड़ लिए हैं, जिनमें से लगभग ₹13,667 करोड़ (44%) का उपयोग ऋण और अन्य वित्तीय संस्थाओं को चुकाने में किया गया, जबकि ₹12,692 करोड़ (41%) का पता संबंधित और जुड़े पक्षों तक चला गया। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि कंपनी के उधार खातों और फंड फ्लो को लेकर गंभीर वित्तीय और नियामक चिंता है, जिससे निवेशकों के भरोसे और शेयर बाजार में कंपनी की स्थिति पर दबाव पड़ सकता है।