
अनिल अंबानी का ईडी को खास प्रपोजल, रिलायंस के इस शेयर पर टूटे निवेशक
बता दें कि जांच एजेंसी ईडी ने जयपुर-रींगस राजमार्ग परियोजना से संबंधित एक फेमा मामले में अनिल अंबानी को तलब किया है। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने सड़क निर्माण के लिए एक ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट प्रदान किया था।
रिलायंस समूह के मुखिया अनिल अंबानी ने ईडी के सामने वर्चुअली बयान दर्ज कराने की पेशकश की है। यह जानकारी रिलायंस समूह के प्रवक्ता ने दी है। इस खबर के बीच रिलायंस समूह की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर में तूफानी तेजी देखी गई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर पर निवेशक टूट पड़े और यह 3 पर्सेंट से ज्यादा चढ़कर 195 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, इस दौरान समूह की एक और कंपनी रिलायंस पावर के शेयर सुस्त नजर आए। रिलायंस पावर के शेयर लाल निशान पर थे और भाव 42 रुपये के स्तर पर था।
रिलायंस समूह के प्रवक्ता ने क्या कहा?
रिलायंस समूह के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा- अनिल अंबानी को ईडी का समन केवल उनके बयान दर्ज कराने से संबंधित है। उन्होंने ईडी के लिए उपयुक्त किसी भी तारीख और समय पर वर्चुअल उपस्थिति या रिकॉर्ड किए गए वीडियो के माध्यम से अपना बयान दर्ज कराने के लिए खुद को उपलब्ध कराने की पेशकश की है। बता दें कि ईडी ने जयपुर-रींगस राजमार्ग परियोजना से संबंधित एक फेमा मामले में अनिल अंबानी को तलब किया है। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने सड़क निर्माण के लिए एक ईपीसी कॉन्ट्रैक्ट प्रदान किया था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) चार वर्षों से अधिक समय से इस सड़क का संचालन कर रहा है। अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला 15 साल पुराना है, 2010 का है और एक सड़क ठेकेदार से संबंधित मुद्दों से संबंधित है। यह पूरी तरह से एक घरेलू कॉन्ट्रैक्ट था जिसमें किसी भी प्रकार का विदेशी मुद्रा घटक शामिल नहीं था। अनिल अंबानी लगभग 15 वर्षों तक - अप्रैल 2007 से मार्च 2022 तक - रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर में हमेशा एक गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत रहे, कंपनी के दिन-प्रतिदिन के संचालन के लिए प्रभारी नहीं थे।
क्या कहा था ईडी ने?
हाल ही में धन शोधन निरोधक कानून के तहत अंबानी और उनकी कंपनियों की 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने के बाद ईडी ने एक बयान में कहा था कि आर-इंफ्रा के खिलाफ (फेमा के तहत की गई) तलाशी कार्रवाई में पाया गया कि राजमार्ग परियोजना में कथित तौर पर 40 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई थी। सूत्रों की मानें तो ईडी ने कुछ कथित हवाला डीलरों सहित कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिसके बाद उन्होंने अनिल अंबानी को तलब करने का फैसला किया है।





