
अनिल अंबानी की कंपनी के शेयरों का हुआ बुरा हाल, 5% तक टूटा भाव
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर ₹228 करोड़ और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायत पर ₹57.47 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। दोनों केस पहले से चल रही बड़ी जांच का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
Reliance Group Stock: अनिल अंबानी समूह (ADAG) की कंपनियों के शेयर बुधवार, 10 दिसंबर को भारी दबाव में आ गए। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई ने रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस के खिलाफ दो नए केस दर्ज किए हैं, जिसके बाद शेयरों में 5% तक की गिरावट देखी गई। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर ₹228 करोड़ और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायत पर ₹57.47 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। दोनों केस पहले से चल रही बड़ी जांच का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
क्या है डिटेल
रिपोर्ट्स के अनुसार, ये कंपनियां एफवाई23 तक अनिल अंबानी की रिलायंस ग्रुप के अधीन थीं, इसके बाद इन्हें ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने डेट रेज़ोल्यूशन प्रक्रिया के तहत अधिग्रहित किया। बैंकों ने 2024–25 में इन लोन खातों को ‘फ्रॉड’ के रूप में वर्गीकृत कर दिया था, इसलिए अब शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। सीबीआई पहले से ही रिलायंस होम फाइनेंस में ₹5,572 करोड़ और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस में ₹9,280 करोड़ की कथित धोखाधड़ी की जांच कर रही है। ताज़ा केस इन्हीं जांचों का हिस्सा हैं। इस दौरान पीटीआई रिपोर्ट ने बताया कि आरोपियों में जय अनमोल अंबानी तत्कालीन डायरेक्टर, रिलायंस होम फाइनेंस का नाम भी शामिल है।
सीबीआई का बयान
सीबीआई ने बयान जारी कर कहा है कि सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कथित तौर पर हुए नुकसान की पूरी तरह जांच की जाएगी। इसी बीच, रिलायंस कम्युनिकेशंस ने मंगलवार को एक्सचेंजों को सूचित किया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने उसके लोन खाते को भी ‘फ्रॉड’ घोषित कर दिया है। दूसरी ओर, रिलायंस इन्फ्रा ने बताया कि ईडी ने FEMA उल्लंघन के एक मामले में कंपनी के बैंक खातों पर ₹77.86 करोड़ की लियन लगा दी है। इन सभी घटनाओं ने ADAG समूह पर दबाव और बढ़ा दिया है।
शेयरों के हाल
बाजार में इन खबरों का सीधा असर देखने को मिला और ADAG समूह के शेयरों में जमकर बिकवाली हुई। रिलायंस पावर के शेयर 4% से ज्यादा गिरकर ₹34.18 के दिन के निचले स्तर तक फिसल गए। वहीं, रिलायंस इन्फ्रा का स्टॉक लगभग 5% गिरकर ₹132.90 तक पहुंच गया, जो इसका नया 52-वीक लो भी है। लगातार नकारात्मक खबरों की वजह से निवेशकों की चिंता बढ़ रही है और समूह की बाकी कंपनियों पर भी दबाव बना हुआ है।





