
इस कंपनी में डीमैट अकाउंट के जरिए बड़ा फ्रॉड, अब सोमवार को फोकस में रहेंगे शेयर
कंपनी ने बताया कि उसकी इंटरनल इंक्वायरी कमेटी ने 13 करोड़ रुपये का फ्रॉड पकड़ा है। कंपनी की ओर से दिए गए इस अपडेट के बाद अब सोमवार को शेयर में बड़ी हलचल हो सकती है। बता दें कि शेयर बीएसई पर 572.30 रुपये पर बंद हुआ है।
शेयर बाजार बंद होने के बाद शुक्रवार को लिस्टेड कंपनी आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स ने बताया कि उसके साथ एक बड़ा फ्रॉड हुआ है। कंपनी ने शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस फ्रॉड के बारे में बताया है। कंपनी ने बताया कि उसकी इंटरनल इंक्वायरी कमेटी ने 13 करोड़ रुपये का फ्रॉड पकड़ा है। ब्रोकरेज ने कहा कि यह अपराध ग्रुप कंपनी आनंद राठी आईटी प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों की मिलीभगत से कुछ अनजान लोगों ने किया है। कंपनी की ओर से दिए गए इस अपडेट के बाद अब सोमवार को शेयर में बड़ी हलचल हो सकती है। बता दें कि शेयर बीएसई पर 572.30 रुपये पर बंद हुआ है।
क्या कहा कंपनी ने?
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि कंपनी के एक पुणे-आधारित क्लाइंट के डीमैट अकाउंट से लगभग 13 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों का ऑफ-मार्केट ट्रांसफर फ्रॉड के जरिए किया गया। कंपनी की इंटरनल इंक्वायरी कमिटी के मुताबिक कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने आनंद राठी आईटी प्राइवेट लिमिटेड (ग्रुप कंपनी) के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर गड़बड़ी की है। यह घटना ब्रोकिंग एक्टिविटीज से अलग डिपॉजिटरी गतिविधियों में हुई। कंपनी ने कहा कि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए इंटरनल कंट्रोल को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
कैसे रहे तिमाही नतीजे?
चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स का मुनाफा सालाना आधार पर 71.8 प्रतिशत बढ़कर 37 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 21.5 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान कुल राजस्व 22 प्रतिशत बढ़कर 249 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष इसी तिमाही में 204.6 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने बताया कि उसके गैर-ब्रोकिंग व्यवसायों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (एमटीएफ) खाता सालाना आधार पर 46 प्रतिशत बढ़कर 1,232 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 32 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,369 करोड़ रुपये पर पहुंच गईं।





