वेनेजुएला संकट के बीच रॉकेट बने ये भारतीय शेयर, मुकेश अंबानी की कंपनी ने रचा इतिहास
Oil Company Stocks: शेयर बाजार में आज सोमवार को तेल और ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का शेयर 1% से ज्यादा चढ़कर 52 हफ्तों के नए उच्च स्तर ₹1,611.20 पर पहुंच गया।
Oil Company Stocks: शेयर बाजार में आज सोमवार को तेल और ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का शेयर 1% से ज्यादा चढ़कर 52 हफ्तों के नए उच्च स्तर ₹1,611.20 पर पहुंच गया। इसके साथ ही ONGC, ऑयल इंडिया, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसे सरकारी तेल शेयरों में भी 2% तक की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी ऐसे समय आई है जब ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन वेनेजुएला से जुड़ी बड़ी भू-राजनीतिक घटनाओं ने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है।
क्या है डिटेल
दरअसल, बीते वीकेंड अमेरिका ने वेनेजुएला में बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया। अमेरिका का आरोप है कि मादुरो पर ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म जैसे गंभीर आरोप हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि जब तक सत्ता का “सही ट्रांजिशन” नहीं होता, तब तक अमेरिका वेनेजुएला के हालात पर सीधा नियंत्रण रखेगा। इस घटनाक्रम से वेनेजुएला के तेल सेक्टर और उससे जुड़ी वैश्विक कंपनियों को लेकर अनिश्चितता, लेकिन संभावनाएं दोनों बढ़ गई हैं।
ONGC में भी हिस्सेदारी
इस पूरे मामले में ONGC खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि उसकी विदेशी इकाई ONGC विदेश की वेनेजुएला में सीधी हिस्सेदारी है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के मुताबिक, ONGC को वहां के सैन क्रिस्टोबल ऑयल फील्ड से करीब 50 करोड़ डॉलर (लगभग ₹4,000 करोड़) के अटके हुए डिविडेंड वापस मिलने की उम्मीद बन सकती है। अब तक अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ONGC यह पैसा भारत नहीं ला पा रही थी। अगर अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद प्रतिबंधों में ढील मिलती है, तो यह रकम ONGC के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकती है। इसी उम्मीद में ONGC का शेयर भी मजबूती दिखा रहा है।
वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज को भी इस घटनाक्रम से फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। जेफरीज के अनुसार, अगर अमेरिका वेनेजुएला के तेल उत्पादन को फिर से बढ़ाता है और वहां का कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचता है, तो रिलायंस जैसे रिफाइनर्स को सस्ते दाम पर हैवी क्रूड मिल सकता है। वेनेजुएला का तेल आमतौर पर ब्रेंट क्रूड से 5–8 डॉलर प्रति बैरल सस्ता रहता है, जिससे रिलायंस की रिफाइनिंग मार्जिन बेहतर हो सकती है। इसी उम्मीद ने रिलायंस के शेयर को नए शिखर पर पहुंचा दिया है।

लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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