
टेक सेक्टर में छंटनी के बीच इंफोसिस ने दी 12000 फ्रेशर्स को नौकरी, अभी 8000 वैकेंसी
संक्षेप: Infosys Hiring: वर्ष 2025 टेक उद्योग के लिए भर्ती और छंटनी दोनों के लिहाज से अस्थिर रहा। इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 12,000 नए फ्रेशर्स की भर्ती की है। इंफोसिस साल भर में कुल 20,000 फ्रेशर्स को नियुक्त करने की राह पर है।
आईटी कंपनी इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 12,000 नए फ्रेशर्स की भर्ती की है। कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) जयेश सांगराजका ने 16 अक्टूबर को दूसरी तिमाही की अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस में बताया कि इंफोसिस साल भर में कुल 20,000 फ्रेशर्स को नियुक्त करने की राह पर है। उन्होंने कहा, “साल की शुरुआत में हमारा लक्ष्य 15,000 से 20,000 फ्रेशर्स को लेना था। अब तक हमने 12,000 भर्ती कर ली हैं, और हम 20,000 का वार्षिक लक्ष्य पूरा करने के रास्ते पर हैं।”

दूसरी तिमाही के नतीजे मजबूत, मुनाफा 13% बढ़ा
कंपनी ने जुलाई-सितंबर 2025 (Q2 FY26) तिमाही में ₹7,364 करोड़ का शुद्ध मुनाफ़ा दर्ज किया, जो साल-दर-साल 13.2% की वृद्धि है। कुल राजस्व ₹44,490 करोड़ तक पहुंचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.6% अधिक रहा।
ऑपरेशनल मार्जिन 21% पर लगभग स्थिर रहा। कंपनी ने प्रति शेयर ₹23 का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया, जो पिछले साल से लगभग 9.5% ज्यादा है।
सीएनबीसी-टीवी18 के अनुमान के मुताबिक, विश्लेषक ₹7,266 करोड़ मुनाफा और ₹44,142 करोड़ राजस्व की उम्मीद कर रहे थे। इंफोसिस ने इन अनुमानों को पार किया, हालांकि मार्जिन अपेक्षा से थोड़ा कम रहा (अनुमान 21.3%)।
हेडकाउंट और अट्रिशन दर
दूसरी तिमाही में इंफोसिस ने अपनी कुल कर्मचारी संख्या में 8,203 का इजाफा किया। वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1 FY26) के अंत में कंपनी का कुल हेडकाउंट 3,31,991 पर पहुंच गया। कर्मचारी छोड़ने की दर मामूली घटकर 14.3% रही, जो पिछली तिमाही के 14.4% से थोड़ा कम है।
एचसीएल टेक और TCS के मुकाबले भर्ती की रफ्तार तेज
इंफोसिस की प्रतियोगी कंपनी HCLTech ने पहली छमाही में 7,180 फ्रेशर्स की भर्ती की है। जुलाई में इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख ने भी बताया था कि कंपनी इस साल कुल 20,000 नए ग्रेजुएट्स को नियुक्त करने की योजना पर काम कर रही है।
यह तेज भर्ती नीति प्रतिस्पर्धी TCS के रुख से बिल्कुल अलग है, जिसने हाल में अपने कर्मचारियों की संख्या में लगभग 2% की कटौती की, क्योंकि कंपनी को स्किल गैप और तकनीकी बदलावों से सामना करना पड़ रहा है।
2025 में टेक कंपनियों में छंटनी
वर्ष 2025 टेक उद्योग के लिए भर्ती और छंटनी दोनों के लिहाज से अस्थिर रहा। कई वैश्विक आईटी और स्टार्टअप कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या घटाई है...
गूगल (Alphabet) ने जनवरी से अब तक लगभग 10,000 कर्मचारियों की छंटनी की, मुख्यतः AI आधारित रणनीति पुनर्गठन के तहत। अमेजन ने अपनी क्लाउड, गेमिंग और Alexa डिवीज़न में 18,000 कर्मचारियों की कटौती की।
मेटा (Facebook) ने 2025 में अपनी “Year of Efficiency” नीति के अंतर्गत अन्य क्षेत्रों में 5,000 से अधिक पद घटाए। माइक्रोसॉफ्ट ने विभिन्न विभागों में 7,500 नौकरियों में कटौती की, विशेष रूप से LinkedIn और Azure डिवीजनों में।
टीसीएस भारत में पहले ही 2% वर्क फोर्स में कमी की घोषणा कर चुकी है, जबकि विप्रो और टेक महिंद्रा ने भी 2025 में सीमित पैमाने पर छंटनी की। दूसरी ओर, इंफोसिस और HCLTech जैसी भारतीय कंपनियां अभी भी AI और क्लाउड डोमेन में नई भर्तियां बढ़ा रही हैं, जिससे घरेलू आईटी इंडस्ट्री में हल्की सकारात्मकता दिख रही है।





