अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों में 30 दिन की छूट बढ़ाई, भारत की खरीदारी पहले से जारी

Drigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
share

अमेरिका ने रूसी तेल पर समुद्र में मौजूद कार्गो के लिए 30 दिन की छूट बढ़ा दी है। भारत स्पष्ट कर चुका है कि वह अमेरिकी छूट के बिना भी रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा।

अमेरिका ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों में 30 दिन की छूट बढ़ाई, भारत की खरीदारी पहले से जारी

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को रूसी तेल के उन कार्गो पर लगे प्रतिबंधों में 30 दिन की छूट बढ़ाने का ऐलान किया, जो पहले से समुद्र में हैं। हालांकि, भारत सरकार ने सोमवार को ही स्पष्ट कर दिया कि भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले, उनके दौरान और बाद में भी रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। अमेरिका यह फैसला ईरान युद्ध के कारण दुनिया में बढ़ती ऊर्जा की कीमतों के बीच लिया गया है।

रॉयटर्स के मुताबिक बेसेंट ने बताया कि यह "अस्थायी 30-दिवसीय जनरल लाइसेंस" उन कमजोर देशों को रूसी तेल तक अस्थायी पहुंच देगा, जो फिलहाल समुद्र में फंसा हुआ है। अमेरिका ने पहली बार मार्च में समुद्र में मौजूद रूसी तेल पर प्रतिबंधों में छूट दी थी। बेसेंट ने कहा कि इस छूट से कच्चे तेल के बाजार को स्थिर करने और उन देशों तक तेल पहुंचाने में मदद मिलेगी, जहां सबसे अधिक ऊर्जा संकट है।"

भारत ने कहा, 'हम अमेरिकी छूट की परवाह किए बिना रूस से तेल खरीद रहे हैं'

पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेट्री सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया, " भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले, उनके दौरान और बाद में भी रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। रूस से भारत की कच्चे तेल की खरीदारी अमेरिकी छूट ढांचे पर निर्भर नहीं है, बल्कि व्यावसायिक कारणों से संचालित होती है।

एक मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने कहा, "अमेरिकी छूट के संबंध में, मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि हम पहले भी रूस से खरीदारी कर रहे थे, मेरा मतलब है, छूट से पहले भी, छूट के दौरान भी, और अब भी।" उन्होंने बताया कि ईंधन कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों को 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है।

उन्होंने आगे कहा, "हमारे लिए खरीदारी करना मूल रूप से व्यावसायिक समझ पर आधारित है। कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त तेल बार-बार सुनिश्चित किया गया है और यह, चाहे छूट हो या न हो, हमारी खरीद को प्रभावित नहीं करेगा।"

तेल सप्लाई को बनाए रखना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी प्रशासन को स्पष्ट कर दिया था कि ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच देश की तेल सप्लाई को बनाए रखना सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है। अधिकारियों ने कहा था कि अगर तेल की सप्लाई में कोई रुकावट आती है, तो इसका सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इससे देश में LPG जैसी जरूरी चीजों की किल्लत और महंगाई बढ़ सकती है।

आयात पर बढ़ रही निर्भरता

दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता बढ़ी है। इस वक्त भारत अपनी जरूरत का करीब 89 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। इसकी बड़ी वजह घरेलू उत्पादन में कमी और पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती मांग है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में देश में कच्चे तेल का घरेलू उत्पादन करीब 25 प्रतिशत घटा है। वहीं, दूसरी ओर पेट्रोल और डीजल की खपत लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल की मांग हर साल करीब सात प्रतिशत और डीजल की मांग करीब चार प्रतिशत की दर से बढ़ रही है।

Drigraj Madheshia

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,