ट्रंप का दावा: अंबानी अमेरिका में बनाएंगे 300 अरब डॉलर की रिफाइनरी, रिलायंस के शेयर उछले
दुनिया भर में ऊर्जा संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंस्ट्रीज के शेयरों में आज तेजी देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में ही रिलायंस इंस्ट्रीज 1.69 पर्सेंट की तेजी के साथ सेंसेक्स टॉप गेनर बन गया। यह 1432 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था।
दुनिया भर में ऊर्जा संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंस्ट्रीज के शेयरों में आज तेजी देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में ही रिलायंस इंस्ट्रीज 1.69 पर्सेंट की तेजी के साथ सेंसेक्स टॉप गेनर बन गया। यह 1432 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था। इस बीच शेयर मार्केट एक बार फिर गिरावट की पटरी पर आ गया है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 255 अंक नीचे 77950 पर आ गया । जबकि, निफ्टी 67 अंकों की गिरावट के साथ 24194 पर ट्रेड कर रहा था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि भारत की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज, अमेरिका में पिछले 50 सालों में पहली नई ऑयल रिफाइनरी बनाने जा रही है। ट्रंप ने इसे 'ऐतिहासिक सौदा' बताया है। यह विशाल परियोजना टेक्सास के ब्राउन्सविले बंदरगाह पर 300 अरब डॉलर के निवेश से बनाई जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ट्रंप ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस रिफाइनरी को 'अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग' कंपनी द्वारा विकसित किया जाएगा, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज निवेश करेगी। ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा सौदा बताते हुए कहा कि यह अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन को बड़ा बढ़ावा देगा।
300 अरब डॉलर का दांव और इसका महत्व
यह रिफाइनरी खाड़ी तट के प्रमुख शिपिंग हब, पोर्ट ऑफ ब्राउन्सविले में बनाई जाएगी। इससे न सिर्फ अमेरिकी बाजारों के लिए ईंधन की आपूर्ति होगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा निर्यात को भी बल मिलेगा। ट्रंप के मुताबिक, यह सुविधा दुनिया की सबसे स्वच्छ रिफाइनरी होगी और इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ट्रंप की राजनीतिक पेशकश
ट्रंप ने इस सौदे को अपनी आर्थिक नीतियों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उनके 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे, परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने और करों में कटौती के कारण ही इतना बड़ा निवेश देश में आकर्षित हुआ है। उन्होंने भारत और रिलायंस का आभार भी जताया।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


