EMI भर रहे हैं, फिर भी चाहिए नया लोन? बैंक पहले करेगा ये हिसाब, तभी मिलेगी मंजूरी

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मुख्य बातें

  • Loan: आप पहले से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई भर रहे हैं? अब नया लोन लेने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ अच्छी सैलरी होने से काम नहीं चलेगा
Emi and new loan
EMI भर रहे हैं, फिर भी चाहिए नया लोन

Loan: आप पहले से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई भर रहे हैं? अब नया लोन लेने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ अच्छी सैलरी होने से काम नहीं चलेगा। बैंक यह देखता है कि सभी ईएमआई चुकाने के बाद आपके पास हर महीने कितना पैसा बचता है। यही तय करता है कि आपको नया लोन मिलेगा या एप्लिकेशन खारिज हो जाएगा।

बैंक चेक करता है ये रेशो

लोन मंजूर करते समय बैंक सबसे पहले आपकी के मुकाबले ईएमआई का अनुपात देखते हैं। अगर आपकी हर महीने की इनकम 1 लाख रुपये है और आप पहले से 40 हजार रुपये की ईएमआई भर रहे हैं, तो आपका इनकम और खर्च का रेशो 40% होगा, जिसे सामान्य तौर पर सुरक्षित माना जाता है।

एनबीएफसी ज्यादा इंटरेस्ट पर देते हैं लोन

बैंक चाहते हैं कि नया लोन जोड़ने के बाद आपकी कुल ईएमआई आपकी मासिक इनकम के 50% से 60% से ज्यादा न हो। अगर नई ईएमआई जोड़ने के बाद यह अनुपात 60% से ऊपर चला जाता है, तो बैंक आपके लोन एप्लिकेशन को खारिज भी कर सकता है। कुछ एनबीएफसी थोड़े ज्यादा लिमिट तक लोन देते हैं, लेकिन वहां ब्याज दरें अधिक हो सकती हैं।

बैंक सिर्फ ईएमआई की रकम नहीं, बल्कि यह भी देखते हैं कि आप किस तरह का लोन चुका रहे हैं। उदाहरण के लिए 30 हजार रुपये की होम लोन ईएमआई को 30 हजार रुपये की पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड ईएमआई की तुलना में कम जोखिम वाला माना जाता है, क्योंकि होम लोन एक सिक्योर्ड लोन होता है। वहीं, क्रेडिट कार्ड और बिना गारंटी वाले लोन बैंक के लिए ज्यादा जोखिम वाले माने जाते हैं।

अगर आप नया लोन लेना चाहते हैं, तो पहले अपनी मौजूदा ईएमआई कम करने की कोशिश करें। किसी छोटे लोन को समय से पहले बंद करने या प्रीपेमेंट करने से आपकी ईएमआई का बोझ घट सकता है। इससे आपका लोन और इनकम का रेशो बेहतर होगा और नए लोन की पात्रता भी बढ़ सकती है। हालांकि, प्रीपेमेंट करने से पहले फोरक्लोजर चार्ज और क्रेडिट रिपोर्ट अपडेट होने में लगने वाले समय का भी ध्यान रखें।

अच्छा क्रेडिट स्कोर है जरूरी

इसके अलावा अच्छा क्रेडिट स्कोर भी जरूरी है। 750 या उससे अधिक का क्रेडिट स्कोर लोन मंजूरी और कम ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ाता है। लेकिन सिर्फ अच्छा स्कोर होने से लोन की गारंटी नहीं मिलती। बैंक आखिर में यही देखते हैं कि आपकी मौजूदा इनकम और ईएमआई को देखते हुए आप नए लोन की किस्त आसानी से चुका पाएंगे या नहीं।

Sheetal

लेखक के बारे में

Sheetal
शीतल को पत्रकारिता में 15 सालों का अनुभव है। पर्सलन फाइनेंस, गोल्ड, सिल्वर, कारोबारी सफर और स्टार्टअप की खबरें लिखती हैं। अमर उजाला से अपने करियर की शुरुआत की। अब तक इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी, भास्कर, लाइव हिन्दुस्तान और मनीकंट्रोल हिंदी (Network18) में काम किया है। अब लाइव हिन्दुस्तान में बतौर असिस्टेंट एडिटर खबरें आप तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। और पढ़ें
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