बाजार में लिस्टेड कंपनी ने बदला अपना नाम, खबर सुन शेयर पर टूटे निवेशक
बता दें कि JSW पेंट्स ने 10 दिसंबर, 2025 को एक शेयर खरीद समझौते के तहत अक्जोनोबेल इंडिया में 60.76 प्रतिशत की बहुलांश हिस्सेदारी हासिल की थी, जिसके बाद वह कंपनी की प्रवर्तक (प्रमोटर) और होल्डिंग कंपनी बन गई है।

पेंट और कोटिंग बनाने वाली कंपनी अक्जोनोबेल इंडिया का नाम बदलकर अब 'JSW डुलक्स' हो गया है। कंपनी को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) से इसके लिए जरूरी मंजूरी मिल गई है।
JSW पेंट्स बन गई है होल्डिंग कंपनी
जानकारी के लिए आपको बता दें कि JSW पेंट्स ने 10 दिसंबर, 2025 को एक शेयर खरीद समझौते के तहत अक्जोनोबेल इंडिया में 60.76 प्रतिशत की बहुलांश हिस्सेदारी हासिल की थी, जिसके बाद वह कंपनी की प्रवर्तक (प्रमोटर) और होल्डिंग कंपनी बन गई है। बहरहाल, नाम में बदलाव की खबर के बीच गुरुवार को अक्जोनोबेल इंडिया के शेयर डिमांड में रहे। सप्ताह के चौथे दिन शेयर की कीमत 2889.20 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 1.30% उछाल के साथ 2935.30 रुपये तक पहुंच गई।
क्या कहा कंपनी ने?
अक्जोनोबेल इंडिया की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार संबंधित मंत्रालय ने नाम परिवर्तन को मंजूरी दे दी है और JSW डुलक्स के नए नाम के साथ निगमन का एक नया प्रमाण पत्र जारी किया है। कंपनी ने कहा- हम सूचित करना चाहते हैं कि मंत्रालय ने 11 मार्च, 2026 को नाम परिवर्तन के संबंध में एक नया प्रमाण पत्र जारी किया है। इसके साथ ही 11 मार्च, 2026 से कंपनी का नाम 'अक्जोनोबेल इंडिया लिमिटेड' से बदलकर 'JSW डुलक्स लिमिटेड' करने को मंजूरी मिली है।
इसके बाद कंपनी के मूल संविधान (एमओए) और आंतरिक प्रबंधन संबंधी नियमों (एओए) में भी नए नाम 'JSW डुलक्स लिमिटेड' को शामिल करने के लिए आवश्यक संशोधन कर दिए गए हैं। बता दें कि अक्जोनोबेल इंडिया के निदेशक मंडल ने 28 जनवरी, 2026 को हुई अपनी बैठक में कंपनी का नाम बदलकर JSW डुलक्स लिमिटेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जो नियामकीय मंजूरियों के अधीन था।
असेसमेंट ऑर्डर का मिला ड्राफ्ट
हाल ही में अक्जोनोबेल इंडिया लिमिटेड ने बताया कि उसे आयकर विभाग से असेसमेंट ऑर्डर का ड्राफ्ट प्राप्त हुआ है, जिसमें असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए कंपनी की आय में ₹111.63 करोड़ की वृद्धि का प्रस्ताव है। यह ड्राफ्ट ऑर्डर आयकर विभाग के आकलन अधिकारी द्वारा आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 143(3) के तहत जारी किया गया था।
जानकारी के अनुसार प्रस्तावित संशोधन आयकर मूल्यांकन प्रक्रिया के अंतर्गत कॉर्पोरेट कर और ट्रांसफर प्राइसिंग प्रावधानों से संबंधित हैं। कंपनी ने कहा कि इस स्तर पर अपेक्षित वित्तीय प्रभाव का निर्धारण नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह ऑर्डर केवल एक ड्राफ्ट मूल्यांकन है और करदाता या कर विभाग द्वारा इस पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
लेखक के बारे में
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