अक्षय तृतीया के मौके पर सोने की खरीदारी...किस विकल्प पर दांव लगाना बेहतर?
इस बार भी आम लोगों में अक्षय तृतीया के मौके पर सोना खरीदने का उत्साह दिख रहा है। डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भी विकल्प बन चुके हैं, जिसमें निवेश कर आप सोने की खरीदारी कर सकते हैं।
हर साल की तरह इस बार भी आम लोगों में अक्षय तृतीया के मौके पर सोना खरीदने का उत्साह दिख रहा है। हालांकि, अब सोना सिर्फ ज्वेलरी तक सीमित नहीं रह गया है। इसके अलावा भी कई विकल्प हैं जिसके जरिए सोने की खरीदारी कर सकेंगे। इनमें तीन विकल्प- डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) हैं। ऐसे में अब सवाल है कि सोना की किस तरीके से खरीदारी करना ज्यादा अच्छा है।
किसकी क्या खासियत?
डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की बात करें तो इन तीनों विकल्पों का संबंध सोने की कीमत से होता है लेकिन इनके काम करने का तरीका अलग-अलग है। डिजिटल गोल्ड आसानी से मोबाइल ऐप के जरिए खरीदा और बेचा जा सकता है, जिससे छोटे निवेशक भी इसमें आसानी से शुरुआत कर सकते हैं।
वहीं गोल्ड ETF उन लोगों के लिए बेहतर हैं जिनके पास डिमैट अकाउंट है और जो शेयर बाजार की समझ रखते हैं। अगर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की बात करें तो इसमें सरकार की गारंटी के साथ-साथ ब्याज का भी फायदा मिलता है। बता दें कि बेहद कम पैसे में भी डिजिटल गोल्ड में निवेश किया जा सकता है। डिजिटल गोल्ड को आप कभी भी बेच सकते हैं, जबकि ETF शेयर बाजार में ट्रेड होते हैं। वहीं सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में लॉक-इन पीरियड होता है। टैक्स के लिहाज से भी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सबसे आगे हैं।
सोना-चांदी की कीमत
बता दें कि भारत में फिजिकल गोल्ड का भावनात्मक महत्व आज भी बना हुआ है लेकिन अब लोग डिजिटल और वित्तीय विकल्पों को भी अपनाने लगे हैं। बहरहाल, शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 5,700 रुपये टूटकर 2.53 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई जबकि सोना 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 5,700 रुपये यानी 2.2 प्रतिशत टूटकर 2,53,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) रह गई। सर्राफा संघ ने कहा कि 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 1,600 रुपये यानी 1.01 प्रतिशत टूटकर 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) पर रहा।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतीन त्रिवेदी ने कहा- युद्धविराम के बाद के घटनाक्रम पर सप्ताहांत आने वाली जरूरी जानकारी से पहले बाजार के सतर्क रहने की वजह से सोना सीमित दायरे में रहा और कीमतों में नरमी रही। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, सोना के सीमित दायरे में रहने की संभावना है, जिसमें उतार-चढ़ाव का रुझान रहेगा। और सप्ताहांत के किसी भी घटनाक्रम पर तेजी से प्रतिक्रिया करेगा।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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